जावेद अनीस, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
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Articles By जावेद अनीस
‘गुजराती समाज के सांप्रदायिकीकरण  की लंबी प्रक्रिया चलाई गई थी’

अपनी किताब  ‘गुजरात बिहाइंड द कर्टेन’  के बारे में बताइए? यह किताब 2015 में प्रकाशित हुई थी, लेकिन इसका लोकार्पण नहीं हो सका था. इसके लिए न तो प्रकाशक और न ही किसी और ने हिम्मत दिखाई क्योंकि लोगों को एक तरह का डर है. इस किताब में मूल रूप  

सरकारों का रुख अरुंधती राय नर्मदा बांध पर अपने चर्चित लेख ‘द ग्रेटर कॉमन गुड’ की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू द्वारा  हीराकुंड बांध के शिलान्यास के मौके पर दिए गए भाषण की उन लाइनों से करती हैं जिसमें उन्होंने कहा था, ‘अगर आपको कष्ट उठाना पड़ता है तो आपको देशहित में  

संघर्ष की पगडंडी पर 30 साल

बीते 17 और 18 जुलाई को नर्मदा घाटी से आए सरदार सरोवर बांध के हजारों विस्थापित और उनके समर्थकों ने ‘आएंगे दिल्ली, बजाएंगे ढोल, जगाएंगे सरकारों को’ के नारे के बीच राजधानी के जंतर-मंतर पर धरना दिया. मांग की गई कि विस्थापितों का समुचित पुनर्वास हो जिसके तहत पैसे की  

मध्ययुगीनप्रदेश

एक रिपोर्ट के अनुसार देश के 27 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में छुआछूत को मानते हैं. 53 प्रतिशत के साथ मध्य प्रदेश इस श्रेणी में देश में पहले नंबर पर है. हाल ही में हुईं कुछ घटनाएं इस बात की गवाही दे रही हैं  

साख पर सवाल

नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े कई लोगों का मानना है कि नेताओं के चुनावी राजनीति में जाने से आंदोलन की विश्वसनीयता पर प्रभाव पड़ा है  

जल सत्याग्रह: ‘लड़ेंगे-मरेंगे, जमीन नहीं छोड़ेंगे’

देश में भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर खूब बहस हो रही है, इधर मध्य प्रदेश में ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाए जाने को लेकर करीब एक पखवाड़े से किसान खंडवा जिले के घोघल गांव में जल सत्याग्रह कर रहे हैं. लगातार पानी में खड़े होने से सत्याग्रही किसानों के पैरों