जयप्रकाश त्रिपाठी, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
जयप्रकाश त्रिपाठी
जयप्रकाश त्रिपाठी

संवाददाता, उत्तर प्रदेश

Articles By जयप्रकाश त्रिपाठी
‘जांच रिपोर्ट निष्पक्ष है, मुझ पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं था’

ये बात सही है कि सरकार ने आयोग का गठन दो महीने के लिए किया था. लेकिन ये कहना गलत होगा कि आयोग को जांच करने में अधिक समय लगा. मुझे नहीं याद आता कि इतने कम समय में किसी दूसरे आयोग ने अपनी रिपोर्ट दी हो. नाम लेना गलत  

वर्दी चाहे हमदर्दी

खाकी वर्दी का रौब हम सभी ने देखा है और कभी-कभी शायद झेला भी है मगर उसे पहनने से उपजी कुंठा और कांटेदार पीड़ा के बारे में हम कुछ नहीं जानते  

घर की लड़ाई सड़क पर आई

पहले से ही मुश्किलों से जूझ रही कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में उसके पुराने धुरंधर ही मुश्किलें खड़ी करते जा रहे हैं.  

सीमा, सुरक्षा और सियासत

भारत-नेपाल के विशेष संबंध का फायदा अगर आतंकवाद को मिल रहा है तो सुरक्षा एजेंसियां भी इसका लाभ उठाने में पीछे नहीं रही हैं. लेकिन वोटों की राजनीति उनकी इस कवायद की हवा निकालने पर तुली है  

दागियों से दोस्ती

बातें वे भले ही दागियों से परहेज की करें, लेकिन लोकसभा चुनाव में नफे के लिए उत्तर प्रदेश में तमाम राजनीतिक पार्टियां दागी व आपराधिक छवि के लोगों को गले लगा रही हैं. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

वादे हैं वादों का क्या

चुनाव आते ही गांधी परिवार के निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली और अमेठी के लिए योजनाओं के एलान की झड़ी लग जाती है. यह अलग बात है कि चुनाव जाते ही ज्यादातर योजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाती हैं. जय प्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

यूपी वाया गुजरात

ऐसा क्या हुआ कि कांग्रेस और भाजपा, दोनों को 2014 की लड़ाई के लिए उत्तर प्रदेश की कमान गुजरात के नेताओं को सौंपनी पड़ी. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

मौत पर सियासत

एक तरफ कथित आतंकी खालिद मुजाहिद की पुलिस हिरासत में हुई मौत से उपजे सवाल अनसुलझे हैं तो दूसरी ओर इस मौत से राजनीतिक फायदा उठाने की होड़ लग गई है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

उत्तर प्रदेश: एक शहर का कहर

कहीं कब्रिस्तान और श्मशान पर कब्जा तो कहीं तालाब पाटकर बनती बहुमंजिला इमारतें. कहीं फर्जी रजिस्ट्री तो कहीं बिना मुआवजा दिए ही जमीन का अधिग्रहण. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हाईटेक टाउनशिप की आड़ में हो रही इन कारगुजारियों से परेशान हजारों किसानों की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट.  

रिश्तेदारों और दागियों के सहारे

2014 के लोकसभा चुनावों की जंग के लिए बसपा उत्तर प्रदेश में वही दांव आजमाने की तैयारी में है जिससे परहेज करने का वह बार-बार दावा कर रही है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट