हेमंत शर्मा, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
हेमंत शर्मा
हेमंत शर्मा
Articles By हेमंत शर्मा
काशी कबहुं न छोडि़ए, विश्वनाथ दरबार!

पिता श्री ठीक होकर बनारस लौट गए हैं। मैं उन्हें दिल्ली में उतने ही दिन रोक पाया जब तक वे बिस्तर पर थे। उनका दिल सामान्य आदमी से आधा धड़क रहा था। इस कारण शरीर के दूसरे हिस्से में $खून और ऑक्सीजन की आपूर्ति काफी कम थी। डाक्टरों ने उनके