दीपक गोस्वामी, Author at Tehelka Hindi | Page 2 of 4 — Tehelka Hindi
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Articles By दीपक गोस्वामी
‘क्या भाइयों से कहूं कि धोखा दिया’

सतीशचंद्र सदर बाजार में जिस दुकान से व्यापार करते हैं उसकी रजिस्ट्री 1965 में उनके पिता के नाम हुई थी. उनके पिता के पांच बेटे थे. 29 साल बाद 1994 में पांचों भाइयों में संपत्ति का बंटवारा हुआ. सतीश को अपने पिता से कुछ अधिक ही लगाव था जिसके कारण  

‘साजिदा को नवाब का उत्तराधिकारी माना गया फिर उनकी संपत्ति, शत्रु संपत्ति कहां से हो गई’

इबाद खान और एसएम सफवान भोपाल के कोह-ए-फिजा में जन्म से रह रहे हैं. इबाद खान के पिता ने यह जगह जहां भोपाल के नवाब से ली थी, वहीं सफवान के दादा को यह नवाब से 1952 में तोहफे में मिली थी. बीते वर्ष सीईपी ने नवाब की इस संपत्ति  

‘डीएम ने लगान मांगा था, मैंने कह दिया मकान नीलाम कर दो’

डॉक्टर ताज फारूकी की उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बहुत बड़ी संपत्ति थी. उनके चाचाओं के पाकिस्तान चले जाने के कारण वह उनसे छिन गई. यहां तक कि उनके एक चाचा इंग्लैंड बस गए थे, उन्हें भी पाकिस्तानी मान लिया गया. वे बताते हैं, ‘मेरे दादा-दादी की मौत के बाद  

‘स्वदेशी मार्केट की अपनी ही दुकान में किरायेदार बन जाने का है डर’

अशोक कुमार दिल्ली के सदर बाजार स्थित स्वदेशी मार्केट में बटन की दुकान चलाते हैं. कुछ महीनों पहले अशोक कुमार को सीईपी का नोटिस मिला है, जिसमें उनकी दुकान को शत्रु संपत्ति घोषित किया गया है. नोटिस उनके पास सात-आठ महीने पहले आया था. अशोक बताते हैं, ‘आज आप मालिक  

राजा महमूदाबाद की संपत्ति का विवाद

राजा मोहम्मद आमिर अहमद खान (तत्कालीन राजा महमूदाबाद) के भारत-पाकिस्तान दोनों ही देशों में अच्छे राजनीतिक संपर्क थे. उनका दोनों ही देशों में आना-जाना लगा रहता था. वे भारतीय नागरिक थे पर भारत विभाजन के बाद से ईराक में रह रहे थे. 1957 में उन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़कर पाकिस्तानी नागरिकता  

अनीस का अंतहीन संघर्ष

डॉ. अनीस उल हक दिल्ली के चांदनी चौक में एक छोटा-सा डेंटल क्लीनिक चलाते हैं. सौ गज का क्लीनिक है पर जिधर देखो, उधर फाइलें. खास बात यह है कि ये फाइलें डॉक्टरी के पेशे से जुड़ी हुई नहीं हैं. उनमें तो छिपी है डॉक्टर अनीस उल हक के अंतहीन  

आईआरसीटीसी में शोषण का सिलसिला

कौन आईआरसीटीसी के कर्मचारी कब 01 फरवरी, 2016 कहां आईआरसीटीसी कार्यालय, नई दिल्ली ‘सावधान… 10 से 12 बजे के बीच शौच जाना मना है. अगर आप ऐसा करते पाई गईं तो नौकरी से हाथ भी धोना पड़ सकता है’ आपने शायद ही कभी ऐसा अजीबोगरीब नियम देखा या सुना होगा.  

आरक्षण की आग

18 फरवरी, 2016; तूफान से पहले की शांति थी उस दिन हरियाणा में. तूफान, जो पूरे राज्य को अपनी चपेट में लेने वाला था. जिसका केंद्र रोहतक था. यातायात पूरी तरह ठप था, शहर के अंदर-बाहर कुछ-कुछ दूरी पर रास्ते बंद थे. लंबे-लंबे जाम लगे हुए थे. बाजार तो खुले  

सरकारी बदमाशी, बेबस आदिवासी

गले में फांसी का फंदा, हाथों में हथकड़ी और मुंह पर पट्टी बांधे मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के कलेक्टर कार्यालय के सामने आदिवासियों का जमावड़ा लगा हुआ है. वे कोई नुक्कड़ नाटक नहीं दिखा रहे. यह तरीका है प्रशासन के खिलाफ उनके अनोखे प्रदर्शन का. ये तरीका है प्रशासन  

‘आपको सरकारी ठेका दिलवा देंगे, धरना खत्म कर दीजिए’

कौन सुभाष कुमार मित्तल कब 8 जुलाई 2015 से कहां उपायुक्त कार्यालय, जमशेदपुर, झारखंड क्यों जमशेदपुर प्रखंड के उत्तरी पूर्वी बागबेड़ा पंचायत क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कराया गया था. सूचनाधिकार कार्यकर्ता सुभाष कुमार मित्तल ने सूचना के अधिकार के तहत इस संबंध में संबंधित