अनुपम मिश्र, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
अनुपम मिश्र
अनुपम मिश्र
Articles By अनुपम मिश्र
भुरभुरी दिल्ली में सब रामभरोसे चल रहा है

दिल्ली जिस जगह बसी है, वह भूकंप के लिहाज से कोई सुरक्षित जगह नहीं कही जाएगी. जिस पैमाने पर भूकंप की तीव्रता नापी जाती है, वह हमारा बनाया हुआ है. यह सही है कि पैमाना बहुत मेहनत से बनाया गया है लेकिन यह कोई जरूरी नहीं है कि प्रकृति ने वह पैमाना पढ़ रखा हो. प्रकृति को जिस दिन लगेगा वह उस दिन उससे कम या ज्यादा का नमूना दिखा सकती है  

अकेले नहीं आते बाढ़ और अकाल

इन दिनों मेघालय, असम से लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में आई बाढ़ और उससे हुई जानमाल की भारी क्षति ने विकास के नए मॉडल पर एक बार फिर से सवाल खड़ा किया है. वहीं दूसरी ओर इस साल कम बारिश होने की आशंका भी जताई गई है. कहीं बाढ़ कहीं सुखाड़, हर दिन के किस्से हो गए हैं. समाज कैसे इन चुनौतियों से निपट सकता है, इसका समाधान इस लेख में मिल सकता है. ‘गांधी मार्ग’ से साभार  

अकेले नहीं आते बाढ़ और अकाल

देश का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज खुला था हरिद्वार के पास रुड़की नामक एक छोटे से गांव में. और सन था 1847. तब ईस्ट इंडिया कंपनी का राज था. ब्रितानी सरकार भी नहीं आई थी. कंपनी का घोषित लक्ष्य देश में व्यापार था. प्रशासन या लोक कल्याण नहीं. व्यापार भी शिष्ट  

पर्यावरण सजगता के संकल्प का दिन

पूरी दुनिया हर साल 5 जून को पर्यावरण दिवस के तौर पर बहुत जोर-शोर से मनाती है लेकिन बढ़ते प्रदूषण के चलते पर्यावरण का संकट गहराता चला जा रहा है  

प्रलय का शिलालेख

सन 1977 की जुलाई का तीसरा हफ्ता. उत्तरप्रदेश के चमोली जिले की बिरही घाटी में आज एक अजीब से खामोशी है. यों तीन दिन से लगातार पानी बरस रहा है और इस कारण अलकनंदा की सहायक नदी, बिरही, का जल स्तर बढ़ता जा रहा है. उफनती पहाड़ी नदी की तेज  

टनाटन पर्यटन

आज के पर्यटन से पहले देशाटन और तीर्थाटन था और सब जगह इसके साथ एक पूरी अर्थव्यवस्था फलती-फूलती थी