हैदराबाद की हैवानियत से बॉलीवुड भी हिला

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हैदराबाद के ‘निर्भया कांड’ से पूरे देश में गुस्सा फैल गया है। इसका असर सिर्फ साइबराबाद या दिल्ली में ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन कर दोषियों को जल्द से जल्द फाँसी पर लटकाने की मांग की है। इसके साथ ही बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार, अब बस…। इसके अलावा बॉलीवुड हस्तियों ने भी गम और गुस्से का इजहार किया है। 27 साल की पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत के बाद बेरहमी से कत्ल और शव को पेट्रोल छिड़क कर जला देने की क्रूर वारदात ने जहां समाज में बैठे दरिंदों (हैवानों) के प्रति खौफ पैदान करने का मौका दिया है तो सिस्टम के लिए भी सबक है कि वह समय रहते चेते…
हम यहां दे रहे हैं बॉलीवुड की महिला हस्तियों की राय, जिन्होंने हैदराबाद की वारदात के बाद दर्द को महसूस किया:
समाज को क्या हो जा रहा
मशहूर अदाकारा शबाना आज़मी ने लिखा-खतरनाक! क्रूर! अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। पीडि़ता के  परिवार के लिए दुखी हूँ। दुख इस बात का भी है कि हमारे ही समाज के कुछ हिस्से को क्या होता जा रहा है।
इंसानियत तार-तार
अभिनेत्री स्वरा भास्कर लिखती हैं, महिला डॉक्टर के भयावह गैंगरेप की घटना से स्तब्ध और हैरान हूं कि हमारे समाज में क्रूरता जारी है। इंसानियत की बजाय हमें धार्मिक पंथ विभाजन एकजुट कर रहा है। ऐसा लगता है कि हमें कुरूपता एकजुट कर रही है।
भरोसा किस पर करें
अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने कहती हैं, उन अपराधियों ने स्कूटी ठीक करने का वादा करके पशु चिकित्सक को धोखा दिया। उसकी एकमात्र गलती उन पुरुषों पर भरोसा करना था, जिन्होंने स्कूटी को ठीक करने का वादा किया था।
सिस्टम और समाज नाकाम
अभिनेत्री और मॉडल यामी गौतम ने लिखा-गुस्सा, गम और सदमा। इतने जोरदार हंगामे और जागरूकता के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अमानवीय, अकल्पनीय अपराध कैसे हो सकते हैं। क्या इन राक्षसों को सजा या $कानून का कोई खौफ नहीं है। एक सिस्टम और समाज के तौर पर हम कहां $गलत हो रहे हैं और पिछड़ रहे हैं।
हादसे के बाद जागते हैं
सोना महापात्रा ने लिखा, चाहे हैदराबाद में हैवानियत हो, तमिलनाडु में हो, रांची में लॉ स्टूडेंट हो या फिर 7 साल पहले निर्भया का गैंगरेप हो। हम सभी सिर्फ हादसे के बाद ही जागते हैं।
दिल दहल गया
गायिका मालिनी अवस्थी ने लिखा, जो महिला डॉक्टर के साथ हुआ, वह किसी भी घर की बेटी के साथ हो सकता है। हम सब कितने लाचार और बेबस हो गए हैं। अपने आसपास कैसा क्रूर समाज पनप रहा है? आखिर हैवानों को $कानून का खौफ क्यों नहीं। दिल दहल गया है आज।