हिमाचल में तबाही, दो दिन में १९ लोगों की मौत

बारिश : नेशनल हाईवे बंद, शिमला में नहीं पहुंचे दूध-सब्जियां

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पिछले ४८ घंटे से हो रही बारिश पहाड़ी सूबे हिमाचल में बड़ी तबाही लेकर आई है। दो दिन में १९ लोगों की जान चली गयी है और प्रदेश के 6 नेशनल हाईवे चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-पालमपुर यह रिपोर्ट लिखे जाने तक बंद थे। प्रदेश में अब तक ७८० करोड़ रूपये के नुक्सान का आकलन किया गया है। दस जिलों में मंगलवार को भी लगातार दूसरे दिन स्कूल बंद रखने के आदेश सरकार ने दिए हैं। टोल फ्री नम्बर 1077 स्थापित किया गया है ताकि वर्षा के कारण हुए नुकसान पूर्वनुमान की सूचना उपलब्ध करवाई जा सके। शिमला में रास्ता बंद होने से मंगलवार को दूध, सब्ज़ी और अखबार नहीं पहुंचे।
प्रदेश में भू-स्खलन के कारण 923 सड़कें अवरूद्ध हैं, जिनमें 6 राष्ट्रीय उच्च मार्ग भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश में भारी वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ  अधिकारियों की बैठक तालाब की और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राज्य उच्च मार्गों और राष्ट्रीय उच्च मार्गों पर भू-स्खलन से निपटने के लिए अधिकारियों को तत्काल श्रमशक्ति और मशीनरी तैनात करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। प्रदेश सरकार ने बचाव, बहाली और पुनर्वास कार्यों के लिए 96.50 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। प्रदेश में भारी बारिश के कारण ७८० करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार ने पुनःस्थापन कार्य के लिए अभी तक 229 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

राज्य मुख्यालय पर प्राप्त सूचना के अनुसार अब तक विभिन्न जिलों से १९ व्यक्तियों की मृत्यु की खबर है जिनमें सबसे ज्यादा जानी नुक्सान सोलन जिले में हुआ है जहाँ ८ लोगों की जान गयी है।  बिलासपुर और ऊना जिले में एक-एक, हमीरपुर में दो, मण्डी में चार और कुल्लू और लाहुल में ३ लोगों की मौत हो गयी है। प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन के माध्यम से अंतरिम राहत प्रदान की गई है।

बारिश के चलते प्रदेश के 10 जिलों में मंगलवार को भी स्कूल बंद रखने के आदेश प्रशाशन ने जारी किये हैं। शिमला, किन्नौर, कुल्लू, सोलन, सिरमौर, चंबा, बिलासपुर, हमीरपुर के सभी सरकारी और  निजी स्कूलों में 14 अगस्त की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कांगड़ा और मंडी में सभी स्कूलों के साथ काॅलेज भी बंद रहेंगे। सोलन में भी कॉलेज बंद रहेंगे। कांगड़ा में आईटीआई भी बंद रहेंगी।

इस बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़कों के अवरूद्ध होने के कारण सेब की ढुलाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आना सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सेब उत्पादक क्षेत्रों में अवरूद्ध सड़कों को तत्काल बहाल करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने उपायुक्तों को खराब मौसम के पूर्वानुमान के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए शिक्षण संस्थानों को 14 अगस्त को बंद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्तों को सैलानियों और स्थानीय लोगों को नदियों के किनारे नहीं जाने देने के लिए कदम उठाने और ट्रैकिंग गतिविधियों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए हैं । उन्होंने कहा कि सड़कों, जल और विद्युत आपूर्ति की बहाली के लिए पर्याप्त श्रमशक्ति और मशीनरी तैनात की गई है और उपायुक्तों और सम्बन्धित विभागों को धनराशि जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में आवश्यक खाद्य सामग्री की कोई भी कमी नहीं है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और लोक निर्माण मनीषा नंदा ने कहा कि प्रदेश में भू-स्खलन के कारण 923 सड़कें अवरूद्ध हैं, जिनमें 6 राष्ट्रीय उच्च मार्ग भी शामिल हैं। विभाग इन सड़कों को शीघ्रातिशीघ्र खोलने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव और राहत कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है और अगर आवश्यक हो तो उपायुक्त सड़कों को बहाल करने और  अन्य कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर भी मशीनरी किराये पर ले सकते हैं।

उपायुक्त कुल्लू ने बताया कि मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग भू-स्खलन के कारण अवरूद्ध है और इस मार्ग को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है। कांगड़ा जिले में 85 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है, जिनमें से अधिकतर सड़कों को सोमवार सायं तक आरम्भ कर दिया जाएगा। पठानकोट- मण्डी सड़क मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है और लम्बागांव में फंसे लोगों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।

उपायुक्त सोलन ने बताया कि जिले में 8 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है और जिले में 102 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 62 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। कुमारहट्टी-नाहन सड़क को भी छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
बिलासपुर जिले के स्वारघाट राष्ट्रीय उच्च मार्ग और बिलासपुर-शिमला सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि जिले के अंदरूनी सड़कों को खोलने का कार्य प्रगति पर है। किन्नौर जिले के मालिंग नाला और स्कीबा और सांगला घाटी की सड़क को  बहाल कर दिया गया है। वहां कुछ पर्यटक  फंसे हुए हैं। लाहौल-स्पीति जिला की समदो-काजा-ग्राम्फू सड़क भू-स्खलन के कारण अवरूद्ध है। राष्ट्रीय उच्चमार्ग-21 पर हनोगी के निकट मुख्य सड़क पर पानी भरने के कारण यातायात अवरूद्ध है।