सुप्रीम कोर्ट – ‘भोपाल त्रासदी में पीड़ितों का मुआवजा बढ़ाने पर केंद्र अपना स्टैंड बताए’

सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने मंगलवार को भोपाल गैस त्रासदी, जिसमें 5,200 से ज्यादा लोगों की मौत और लाखों बुरी तरह प्रभावित (घायल) हुए थे, के मामले में केंद्र सरकार से पूछा है कि पीड़ितों को मुआवजा बढ़ाने पर आपका क्या स्टैंड है ? सर्वोच्च अदालत का यह निर्देश 2011 में तब की मनमोहन सिंह सरकार की भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों के लिए अतिरिक्त मुआवजे के लिए दाखिल की गयी क्यूरेटिव याचिका पर आया है।

तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने अपनी याचिका में कहा था कि अमेरिका की यूनियन कार्बाइड कंपनी, जो अब डॉव केमिकल्स के स्वामित्व में है, को 7413 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश दिए जाएं। इस क्यूरेटिव पिटीशन पर सर्वोच्च न्यायालय में पांच जजों की जस्टिस एसके कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस एएस ओक, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जेके माहेश्वरी की संविधान पीठ ने अब केंद्र से पीड़ितों को मुआवजा बढ़ाने पर उसके स्टैंड की जानकारी चाही है।