विश्व चैंपियनशिप के 400 मीटर ट्रैक में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनी हिमा

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देश को मिली नई उड़न परी

हम यह तो नहीं कहेंगे कि देश अब पीटी ऊषा और मिल्खा सिंह को भूल जाएगा लेकिन हिमा दास ने जो किया है वह देश के एथलेटिक्स हितहास में गौरवशाली ज़रूर है। टेम्पेरे (फिनलैंड)। भारत की नई उड़नपरी कही जा रही  हिमा दास ने  गुरुवार देर रात आईएएएफ की 400 मीटर ट्रैक इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

भारत की यह नई सनसनी हिमा इस जीत के बाद से सोशल मीडिया में हीरो बनकर उभर रही है। उसकी जीत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांघी ने ट्वीट कर उसे बधाई दी है। कई अन्य नामी खिलाड़ीयों  ने भी हिमा को बधाई देकर उसका उत्साह बढ़ाया है।

इस खिलाड़ी ने आईएएफ वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर उड़न सिख और देश की पहली उड़न परी पीटी ऊषा को पीछे छोड़ दिया है। अब तक कोई भी भारतीय एथलीट विश्व इवेंट में गोल्ड नहीं जीत सका है। इस तरह हिमा ने अपने प्रदर्शन से एक बड़ा रेकार्ड देश के लिए बना दिया है।

हिमा दास से पहले सबसे अच्छा प्रदर्शन मिल्खा सिंह और पीटी उषा का रहा था। पीटी उषा ने जहां 1984 ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल रेस में चौथा स्थान हासिल किया था।

मिल्खा सिंह 1960 रोम ओलंपिक में 400 मीटर रेस में चौथे स्थान पर रहे थे। बुधवार को हुए सेमीफाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए हिमा ५२.१० सेकंड का समय निकालकर पहले स्थान पर रही थीं। आईएएफ वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के लिए हिमा ने ४०० मेटर की इस स्पर्धा में ५१.४६ सेकण्ड का समय निकाला।

कोशिश की और उस समय की तरह हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो मुझे लगता है कि 1987 की तरह ही हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सैयद सलाहूद्दीन और यासिन मलिक पैदा होंगे।’

पिछले महीने 19 तारीख को भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था। तब से राज्य में राज्यपाल शासन लागू है। ८७ सदस्यीय जम्मू और कश्मीर विधानसभा में सरकार बना सकने लायक आंकड़े किसी भी पार्टी के पास नहीं हैं। पीडीपी के २८, भाजपा के २५, कांग्रेस के १२ और एनसी के १५ विधायक हैं। पीपल्स कांफ्रेंस के दो विधायकों और लद्दाख के एक विधायक के समर्थन का भाजपा दावा करती रही है। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल  को 44 विधायकों के समर्थन की जरूरत रहेगी।

बगावत करने वाले विधायकों का आरोप रहा है कि पीडीपी ”फैमिली डेमोक्रेटिक पार्टी” बन गई है। बागी विधायकों में जावेद बेग, यासिर रेशी, अब्दुल मजीद, इमरान अंसारी, अबीद हुसैन अंसारी और मोहम्मद अब्बास वानी शामिल माने जाते हैं।