विपक्षियों को खत्म करने के लिए ईडी, सीबीआई का दुरुपयोग गलत : उद्धव

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी से अलग हुए गुट या भाजपा से किसी तरह के समझौता न करने का साफ़ संकेत देते हुए कहा है कि महाविकास आघाड़ी का प्रयोग गलत नहीं था क्योंकि प्रदेश की जनता ने इसका स्वागत किया था। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ‘विपक्षियों को खत्म करने के लिए जारी ईडी, सीबीआई के दुरुपयोग की भी कड़ी निंदा की है। ठाकरे ने अपनी सरकार गिरने पर कि सत्ता आती है और जाती है और फिर वापस आती है, लिहाजा हम इससे विचलित नहीं हैं।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने लम्बे इंटरव्यू के दूसरे हिस्से में उद्धव ने कहा – ‘भाजपा में आज बाहर से आए लोगों को ही सब कुछ दिया जाता है। मुख्यमंत्री पद से विरोधीपक्ष के नेता पद तक। दिल्लीवालों को शिवसेना बनाम शिवसेना का झगड़ा लगाकर महाराष्ट्र में मराठी माणुस के हाथ से ही मराठी माणुस का सिर फुड़वाना है। जिन्हें मैंने अपना माना वो लोग ही छोड़कर चले गए। मतलब वे लोग कभी हमारे थे ही नहीं। उन्हें लेकर बुरा लगने की कोई वजह नहीं है।’

ठाकरे ने देश में लोकतंत्र के भविष्य, विपक्षियों को खत्म करने के लिए जारी ईडी, सीबीआई के दुरुपयोग की कड़ी निंदा की और कहा – ‘देश के वर्तमान हालात ठीक ऐसे ही हैं परंतु सत्ताधारियों को विपक्षी दलों से डर लगने लगा हो तो इसे उनकी दुर्बलता कहेंगे। लोकतंत्र का अर्थ यह नहीं है कि हर बार जीत ही मिले। शिवसेना, कांग्रेस, भाजपा कोई भी पार्टी हो, उन्हें लगातार जीत हासिल नहीं होती। हार-जीत सभी की होती है।’