राहुल हिंदू ब्राह्मण हैं, लेकिन कौन से? | Tehelka Hindi

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राहुल हिंदू ब्राह्मण हैं, लेकिन कौन से?

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कांग्रेस विभिन्न धर्मो वाले देश की प्रतिनिधि राजनीतिक पार्टी रही है। राहुल के दादा पारसी थे। जबकि पिता हिंदू और मां इटैलियन हैं। उनकी दादी हिंदू थीं जिन्होंने पारसी से विवाह किया। ऐसी स्थिति में राहुल हिंदू तो हैं। आप चाहें तो उन्हें ईसाई और पारसी भी मान सकते हैं। यह कांग्रेस के नए अध्यक्ष की खासियत है कि वे तीन धर्मों से जुड़ते हैं। यही सही मायने में भारतीय धर्मनिरपेक्षता है। वे विभिन्नता के प्रतीक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद जब सबको साथ लेने की बात कहते हैं तो उन्हें खुद कहना चाहिए था कि चुनाव में राहुल की जाति पर सवालिया निशान लगाना अनुचित है।

एक विदेशी नेता की सलाह भारतीय नेता को

भले ही यह अच्छा न माना जाए कि एक भारतीय नेता को कोई विदेशी नेता यह समझाए कि देश को धार्मिक आधार पर न बांटा जाए। यह दावा है कांग्रेसी नेता शाशि थरूर का। उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में आए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐसा कहा। उन्होंने कहा एक ‘भारतीय नेताÓ को एक विदेशी नेता ने समझाने की कोशिश की है। जबकि परंपरा से हमारा इतिहास सहअस्तित्व की बात करता रहा है। हमारे संविधान में हमारी बहुलता और विविध संस्कृति पर जोर है। कितने दुख की बात है कि कुछ भारतीय उन मूल्यों पर ही भरोसा नहीं करते जिनके आधार पर यह देश बना है।

बराक ओबामा ने 2015 (तब राष्ट्रपति थे) में भी भारत आकर यह चिंता जताई थी कि देश में अल्पसंख्यकों के प्रति असहिष्णुता बढ़ी है। उन्होंने तब भी लोगों से अपील की थी कि जो विविधता आपके देश में है। उसे धार्मिक आधार पर बांटने नहीं देना चाहिए। उन्होंने जब भारत को ऐसा स्थान बताया था जहां हजारों साल से विभिन्न धार्मिक विश्वासों को मानने वाले रहते हैं। यह उनकी विरासत ही नहीं, बल्कि उनका विश्वास भी है। असहिष्णुता संबंधी गतिविधियों से गांधी जी की आत्मा को तकलीफ होगी जिनकी सक्रियता से यह देश आज़ाद हुआ।

गुजरात चुनाव प्रचार में हिंसा की पूरी तैयारी थी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, गुजरात में भ्रष्टाचार और भयावह शाह काल के खिलाफ लड़ रहे हमारे नेता इंद्रनील राजगुरु, उनके भाई दिव्यनील डोंगा और सांसद राजीव सतव पर गुजरात पुलिस ने हमला किया। उन्होंने कहा, डर का परिणाम हिंसा है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी चुनाव हारने से डर रहे हैं। लेकिन गुजरात की जनता डरी हुई नहीं है।

इंद्रनील राजगुरु राजकोट पश्चिम से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। यहीं उनके मुकाबले में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं। एक होर्डिंग लगाने पर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में झगड़ा हुआ और मारपीट हुई। भाजपा कार्यकर्ता बड़ी तादाद में थे। उन्होंने इंद्रनील के भाई दिव्यनील की आंख, सिर और पांव पर घातक प्रहार लकड़ी के फट्टों और लोहे के पाइप से किए। डाक्टरों के अनुसार उसके दिमाग पर भी चोट आई। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी भाजपा कार्यकर्ता हैं। यह जानकारी पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने दी।

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