राहुल की नवसृजन यात्रा के अर्थ | Tehelka Hindi

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राहुल की नवसृजन यात्रा के अर्थ

2017-10-31 , Issue 20 Volume 9

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कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एक-दूसरे के इलाके में ताल ठोकने में लग गए है। मुद्दा है भ्रष्टाचार और विकास का। गुजरात में होने वाले चुनावों को देखते हुए राहुल की गुजरात यात्रा महत्वपूर्ण है। अब जबकि राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की तिथि नज़दीक आती जा रही है उनकी ’नव सृजन यात्राÓ अहम मानी जा रही है। उनकी दो दिन की गुजरात यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी तक राहुल नरेंद्र मोदी के लगातार बढ़ रहे प्रभाव को रोकने में सफल नहीं हुए है। मोदी लहर में ही भाजपा 17 सूबों में सरकार बनाने में सफल हुई।

राहुल गांधी इस बार ज्य़ादा आक्रामक दिखे 10 अक्तूबर को उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा भाजपा का ’पेरेंटÓ संगठन कौन सा है, वह है राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस)। यह उन्हीं की सोच है कि महिलाएं जितना चुप रहें, उतना अच्छा। जैसे कोई महिला मुंह खोले उसे चुप करा दो। क्या तुमने किसी महिला को हाफपैंट पहन कर आरएसएस की शाखा मेें देखा है? मैनें तो नहीं देखा। महिलाओं को आरएसएस में आने की इज़ाजत नहीं। उनकी पार्टी में कई महिलाएं हैं पर शाखा मेें एक भी नहीं। उन्होंने क्या गुनाह किया है?

उनकी इस टिप्पणी से आरएसएस में हड़कप्प मच गया। आरएसएस ने राहुल से बिना शर्त माफी मांगने को कहा। गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की।

अमित शाह ने सारा ध्यान राहुल गांधी के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी की ओर खींचने की कोशिश की। उस समय जबकि राहुल गांधी मोदी पर उनकी आर्थिक नीतियों को लेकर बरस रहे थे। राहुल ने आम आदमी और व्यापारियों को नोटबंदी में हुई तकलीफों का जि़क्र किया। साथ ही जीएसटी और पेट्रोलियम पदार्थों की तेज़ी बढ़ रही कीमतों के लिए सरकार को कोसा। उनके ’रोड शोÓ को अगामी चुनावों की ’रिहर्सलÓ के तौर पर देखा जा रहा है। मोदी और शाह के घर में राहुल को सुनने के लिए जो भीड़ जुटी वह असमान्य थी। ध्यान रहे कि गुजरात में इस साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 9 Issue 20, Dated 31 October 2017)

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