राष्ट्रपति चुनाव के बहाने 2024 की तैयारी कर रहे हैं विपक्षी दल

ममता बनर्जी के राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशों के बीच तेलंगना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी राष्ट्रीय राजनीति में कूदने की तैयारी में जुट गए हैं। वे अपनी पार्टी टीआरसी का विस्तार करके उसे राष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारी कर रहे हैं। उधर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार को सूचित किया है कि उनकी पार्टी पवार का राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के साझे उम्मीदवार के रूप में समर्थन करेगी।

इस तरह विपक्ष राष्ट्रपति चुनाव के लिए अलग-अलग ही सही भाजपा के खिलाफ मजबूत तैयारी करता दिख रहा है। महीने बाद ही राष्ट्रपति का चुनाव है, लिहाजा वार्ताओं का दौर शुरू हो गया है।

ममता बनर्जी ने 15 जून को दिल्ली में जो बैठक बुलाई है उसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी बुलाया है। हालांकि, सोनिया गांधी के इसमें शामिल होने की कोई संभावना नहीं है। हाल के महीनों में ममता बनर्जी की टिप्पणियों से कांग्रेस नाराज रही है। हो सकता है गांधी किसी नेता को इस बैठक में जाने के लिए अधिकृत करें।

शिव सेना के नेता उद्धव ठाकरे को भी ममता बनर्जी ने बुलाया है लेकिन संजय राउत साफ़ कर चुके हैं कि उद्धव उस दिन आयोध्या में होंगे लिहाजा बैठक के लिए किसी नेता को भेजा जाएगा।

कांग्रेस शरद पवार को राष्ट्रपति पद के लिए आगे करके एक तीर से दो निशाने साधना चाह रही है। एक – पवार के कद को देखते हुए विपक्ष उनके नाम पर एकजुट हो सकता है। भाजपा के पास अभी भी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए पूरे वोट नहीं हैं। ऐसे में पवार पड़ सकते हैं।