'राजनीतिक तौर पर मुझे खत्म करने की साजिश' | Tehelka Hindi

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‘राजनीतिक तौर पर मुझे खत्म करने की साजिश’

तहलका ब्यूरो 2017-11-15 , Issue 21 Volume 9

virbhadra singh

हिमाचल की राजनीति में वीरभद्र सिंह न केवल छह बार मुख्यमंत्री रहें हैं और सातवीं बार के लिए फिर मैदान में हैं। उन्हें बहुत चतुराई से योजना बनाने वाला और पार्टी के भीतर और बाहर की चुनौतियों को ध्वस्त करने की क्षमता वाला नेता माना जाता है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें चुनाव की घोषणा से पहले ही कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा बता गए तो इसलिए कि पार्टी के बीच फिलहाल ऐसा कोई नेता नहीं था बल्कि 84 साल के वीरभद्र सिंह जितनी चुनावी क्षमता और अनुभव के अलावा जनता में पैठ और किसी के पास है भी नहीं। कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर उनके सरकारी आवास ओक ओवर में बातचीत हुई।

इस उम्र में भी आप चुनाव मैदान में हैं। यह सत्ता में बने रहने का मोह है या कुछ और। जनता की सेवा का जज़्बा और इसके लिए कोई उम्र नहीं होती। मैं कांग्रेस के लिए समर्पित कार्यकर्ता हूँ। पिछले 55 साल से राजनीति में हूँ। लोक सभा में रहते हुए इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक की सरकारों में मंत्री रहा। जनता के प्यार से छह बार मुख्यमंत्री बना हूँ। मैंने ईमानदारी से जनता की सेवा और प्रदेश का विकास करना चाहा है। कांग्रेस आलाकमान ने मुझ पर फिर भरोसा जताया है और मुझे उम्मीद है लोगों के प्यार से मैं जीत का तोहफा उन्हें दे सकूंगा।

आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और कोर्ट में मामला चल रहा है। यह भाजपा का मुझे राजनीतिक रूप से खतम करने का षडय़ंत्र है। प्रदेश भाजपा के एक नेता के अलावा केंद्र सरकार में एक सीनियर मंत्री का इसमें हाथ है। लेकिन वो इसमें सफल नहीं होंगे। प्रदेश की जनता चुनाव में उन्हें जवाब देगी। भाजपा वाले अपने राजनीति प्रतिद्वंदी को भी दुश्मन समझते हैं और मैं इसका खुद भुक्त भोगी हूं। मेरे खिलाफ एक ही मामला तीन-तीन जगह चल रहा है। इनकमटैक्स, सीबीआई और ईडी एक ही मामले को देखने में लगी हैं। मैं अपने खानदान का 122वां राजा हूँ, कोई खानाबदोश नहीं। मैंने कोई व्यापार नहीं किया, परंतु इतनी पीढिय़ों के पास कुछ तो धन होगा ही। चाहे कुछ भी हो जाए मैं टूटने वालों में नहीं हूँ और जनता के सहयोग से इस लड़ाई को लडूंगा।

भाजपा का दावा है कि प्रदेश में मोदी की लहर है और कांग्रेस बुरी तरह हारेगी। मेरे राजनीतिक जीवन में केंद्र में बनी बहुमत की यह पहली ऐसी सरकार है जिसने तीन साल में ही लोगों का भरोसा खोना शुरू कर दिया है। मेरा विश्वास करें कि 2019 के चुनाव में मोदी फिर जीत नहीं पाएंगे। विधानसभा चुनाव में महंगाई, नोटबंदी और जीएसटी अहम मुद्दा रहने वाला है। जीएसटी से हिमाचल ही नहीं, हर राज्य के व्यापारी परेशान हैं और ऐसे में यह बहुत बड़ा चुनावी मुद्दा है। चुनाव में कांग्रेस, मोदी सरकार से इसका जवाब मांगेगी। बीजेपी ने हमेशा क्षेत्रवाद और जातिवाद के अलावा लोगों को आपस में लड़वाने का कार्य किया है।

भाजपा का दावा है कि वह 50 प्लस जीतने वाली है। वो यह भी कह रही है कि आपकी सरकार ने सूबे को कर्ज में डुबो दिया। पीएम मोदी बताएं कि वे अपने गृह राज्य गुजरात में कितनी बार फिफ्टी प्लस लाए। बीजेपी का कोई नारा हिमाचल में चलने वाला नहीं है और यहां पर कांग्रेस ही सरकार बनाएगी। सरकार ने जो भी लोन लिया है वह केंद्र सरकार के निर्देश के तहत ही लिया जा रहे हैं। हर राज्य लोन लेता है, चाहे वह गुजरात हो या हिमाचल। उन्हें हम पर आरोप लगाने की जगह जनता को यह बताना चाहिए कि जब 2012 में जनता ने उन्हें सत्ता से बहार किया था तो वे प्रदेश पर कर्ज कितना चढ़ा गए थे !

sukhu

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 9 Issue 21, Dated 15 November 2017)

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