यूपी में पूर्व बसपा सांसद कांग्रेस में

क्रिकेटर जडेजा की पत्नी बीजेपी में, शिअद एमएलए ने पार्टी छोड़ी

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चुनाव नजदीक आते ही दलबदल का खेल भी शुरू हो गया हो गया है। यूपी में बसपा की पूर्व सांसद कैसर जहां और पूर्व विधायक जस्मीर अंसारी सोमवार को कांग्रेस हो गए वहीं क्रिकेटर रविंदर जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा भाजपा में शामिल हो गयी हैं। इस बीच निलंबित चल रहे अकाली नेता और फिरोजपुर के सांसद शेर सिंह घुबाया ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
यूपी की सीतापुर सीट से बसपा सांसद रहीं कैसरजहां कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। उनके साथ उनके पति पूर्व विधायक जसमीर अंसारी ने भी कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। अंसारी लहरपुर विधानसभा सीट से एमएलए रहे हैं। कैसर और जसमीर के साथ शहर के कई नेता भी सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए।
हाल में कैसर और जसमीर ने दिल्ली में कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनका कांग्रेस में आना तय हो गया था। कैसरजहां 2009 में बसपा के टिकट से सांसद चुनी गईं थी लेकिन २०१४ में वो मोदी लहर में भाजपा उम्मीदवार से हार गईं थीं। कुछ समय पहले अनबन के चलते के चलते बसपा आलाकमान से उनको पार्टी से निकाल दिया था। उनके पति जसमीर लहरपुर से विधायक रह चुके हैं जो सीतापुर लोकसभा सीट के ही तहत है। इस दंपति का सीतापुर की राजनीति में अच्छा प्रभाव माना जाता है।
उधर भारतीय टीम के दिग्गज क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा ने  भाजपा में शामिल होकर अपने राजनीतिक करियर  की शुरुआत सोमवार को की। वे जामनगर में गुजरात के कृषि मंत्री आरसी फालडू और सांसद पूनम मदाम की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुईं। माना जाता है कि रिवाबा के आने से पार्टी को लोकसभा चुनाव में लाभ मिल सकता है।
इस बीच अकाली नेता शेर सिंह घुबाया ने सोमवार को पार्टी छोड़ दी। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। अब घुबाया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
पार्टी से निलंबन से पूर्व घुबाया ने कहा था कि उनकी लंबे समय से सुखबीर के साथ न तो कोई मीटिंग हुई है न ही बातचीत। न ही पार्टी उन्हें किसी कार्यक्रम में बुलाती है। यहां तक कि प्रधानमंत्री की मलोट रैली में भी उन्हें न्यौता नहीं दिया गया था। जब इतनी नाराजगी थी तो उन्हें पार्टी से सस्पेंड क्यों नहीं किया जा रहा? इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। फ़िरोज़पुर से पिछले लगातार दो चुनाव जीतने वाले घुबाया पहले जलालाबाद सीट से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। पिछले करीब दो साल से उनकी शिअद प्रमुख सुखबीर बादल से पट नहीं रही थी।