युवाओं को प्रेरित करती पुलिस अधिकारी की किताब

महाराष्ट्र से अपनी प्रतिनियुक्ति पूरी करके बिहार में फिर से लौटे जांबाज़ पुलिस अधिकारी शिवदीप लांडे महिलाओं और युवाओं का बेहद सम्मान करते हैं। यही वजह है कि इनका ग़लत रास्तों पर भटकना उन्हें इतना अखरता है कि लांडे उन्हें सही रास्ता दिखाने का प्रयास लगातार करते रहे हैं। हाल ही में उनकी पुस्तक ‘वुमन बिहाइंड द लायन’ प्रकाशित हुई है।

महाराष्ट्र की मिट्टी में पैदा हुए शिवदीप लांडे का करियर बिहार शरीफ़ में शुरू हुआ, जहाँ से वह समस्त भारत में प्रसिद्ध हुए हैं। उनकी किताब देखकर ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने करियर की प्रेरणा के बारे में लिखा होगा और इसका श्रेय अपनी पत्नी को दिया होगा। करियर से पहले उनकी ज़िन्दगी में काफ़ी परिस्थितियाँ रहीं, उन परिस्थितियों से युवा वर्ग को कसे निकलना है, यह इस किताब में है।

लेकिन वास्तव में उनकी माँ उनकी मार्गदर्शक हैं और लायन उनकी वर्दी में एक आदर्श वाक्य है। इस पुस्तक में ऊन्होंने जो ख़ाका खींचा है, वह उनकी सेवा का वर्णन नहीं, बल्कि अपना मक़ाम हासिल करते हुए युवाओं को हताशा की अवस्था से निकालकर उनका मनोबल बढ़ाना है। किताब में युवाओं को उन परिस्थितियों से रू-ब-रू कराया गया है, जिनसे वे ज़िन्दगी के उस मोड़ पर दो-चार होते हैं, जहाँ से ज़िम्मेदारियाँ उनके कन्धों पर आ रही होती हैं। इन्हीं परिस्थितियों से निकलने के रास्ते इस किताब में हैं।