मोदी सावधानी से चलें, किसानों और छोटे उद्योगों का रखें ध्यान: भागवत

0
35

mohan bhagwat

भारतीय जनता पार्टी की मार्गदर्शक, मित्र और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने अपना स्थापना दिवस विजयादशमी पर मनाया। लोकसभा में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ऐतिहासिक जीत विधान सभाओं में भी हासिल की। इस बात के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने उनसे यह भी कहा कि वे किसानों और छोटे उद्योगों को भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि छोटे और मझोले उद्योगों, स्वरोज़गार मुहैया करने वाले कुटीर उद्योग और खेती -किसानी को नुकसान न पहुंचे।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने ‘संवेदनशीलता और चुस्ती दिखाने पर जोर देने की प्रशासन को सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को खुद ही आखिरी आदमी तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में अर्थव्यवस्था में खासा सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसा मॉडल बनाया जाना चाहिए जो भारत के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक हालात पर केंद्रित हो। रोज़गार का मतलब होता है हर हाथ को काम और बदले में मेहनताना।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी के पर्व पर कहा कि इन्ही कुटीर उद्योगों मसलन हस्तशिल्प, छोटे और मझोले उद्योगों यानी कढ़ाई बुनाई दरी-कालीन,सूत रंगाई, साड़ी आदि बनाने वालों छोटे उद्योगों से जुड़े लोगों ने सर्वाधिक योगदान किया है। इन क्षेत्रों में करोड़ों लोगों को रोजगार मिला हुआ है, और जो लोग समाज में आखिरी कतार में खड़े हैं वे भी इन्ही क्षेत्रों के हैं।

संघ प्रमुख ने लगभग चेतावनी देते हुए कहा कि यह सही है कि कुछ अस्थिरता और कंपन होंगे लेकिन दिमाग में हमेशा यह बात ध्यान मेेें रहनी चाहिए कि इन क्षेत्रों को कम से कम नुकसान हो और इन लोगों को ज़्यादा से ज़्यादा मजबूती हासिल हो।

उन्होंने कहा कि कृषि उपज की कीमत उत्पाद में लगने वाली कीमत पर आधारित होनी चाहिए। इससे किसान प्रकृति की नाराजगी और बाज़ार में कीमतों के उतार-चढ़ाव को भी झेल लेगा। उन्होंने कहा कि सभी को इन कीमतों को बिना किसी विरोध के स्वीकार करना चाहिए।