मुखिया से खुली बगावत

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सरकार के कामकाज पर उंगली उठाने वाले ये सारे विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और केंद्र सरकार में मंत्री हरीश रावत खेमे के माने जाते हैं. धामी के बयान देने के अगले दिन रावत ने असंतुष्ट विधायकों की मांगों का समर्थन भी किया था. मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए उनका कहना था, ‘विकास के मामले में विधायकों की चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए .’ लेकिन इसके दो दिन बाद मुख्यमंत्री बहुगुणा ने दिल्ली से देहरादून आते ही एक बयान देकर असंतोष की आग को और भड़का दिया. उनका कहना था कि उन्हें 41 विधायकों का समर्थन है और चार विधायकों के जाने से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता. असंतुष्टों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि वे टाइगर हैं और हिरनों की परवाह नहीं करते. मुख्यमंत्री के बयान पर हरीश रावत का कहना था, ‘मैं सालों से पहाड़ों की पगडंडियों पर हिरन की तरह भाग रहा हूं और हर बार कोई टाइगर झपट्टा मार कर मेरी मेहनत उड़ा कर ले जाता है.’

मुख्यमंत्री के टाइगर-हिरन वाले भड़काऊ बयान के बाद असंतुष्ट विधायकों की संख्या बढ़कर 10 तक हो गई. सुनवाई न होते देख धामी ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग कर दी. आखिर पांचवें दिन मुख्यमंत्री ने नाराज विधायकों को वार्ता के लिए सचिवालय बुलाया. इस बुलावे को असंतुष्ट विधायकों ने अस्वीकार कर दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री के करीबी कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने वार्ता निमंत्रण ठुकराने वाले विधायकों में से अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे तीन विधायकों को इस्तीफा देने की चुनौती दे दी. इससे  माहौल और भड़क गया.

खुले आम असंतोष दिखाने वाले इन विधायकों में से सभी दुर्गम पर्वतीय जिलों से चुन कर आए हैं. उनका दर्द है कि मंत्री और नौकरशाह पहाड़ी क्षेत्र की समस्याओं और उनका निदान जानने की कोशिश तक नहीं करते हैं. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में हरीश रावत खेमे की भी भूमिका बताई जा रही है. पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेसी विधायकों की संख्या के हिसाब से सबसे अधिक विधायक रावत के साथ थे. लेकिन इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया. बताया जा रहा है कि रावत खेमा इस समय मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए जोर लगाने के बजाय पार्टी अध्यक्ष पद पर अपने खेमे के किसी नेता को बैठाना चाहता है. हर तरफ से हो रही नित नई बयान बाजी से यह लग रहा है कि असंतुष्टों का गुस्सा अब दिल्ली दरबार की मध्यस्थता से ही शांत होगा.

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