महंगाई और बेरोज़गारी से लोगों के बीच निराशा

भले ही सरकार तमाम दावे करें, कि देश में रोज़गार मुहैया कराये जा रहे है। पर धरातल पर सब कुछ उल्टा है। ना तो लोगों के पास रोज़गार है और ना ही काम- धंधे सही चल रहे है।

दिल्ली के युवाओं ने तहलका संवाददाता को बताया कि, एक ओर तो देश में महगांई हर रोज आसमान को छू रही है। वहीं काम धंधे और रोज़गार ना होने के कारण घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है।

दिल्ली व्यापार मोर्चा के पवन अरोड़ा का कहना है कि, कोरोना काल के पहले ही देश में युवाओं को रोज़गार नहीं थे। सरकार अब भले ही कह रही है कि कोरोना के चलते रोज़गार की दिक्कत हुई है। जबकि सच्चाई ये है कि कोरोना काल के पहले  2018 से देश में बेरोजगारी बढ़ी है।