बुराड़ी केस: पोस्टमॉर्टम के अनुसार सबने की थी आत्महत्या; जांच अभी जारी

0
1108

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही घर में परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक़ सब लोगों की मौत फांसी के फंदे से हुई।

लेकिन भाटिया परिवार के करीबी और रिश्तेदारों का अभी भी ये मानना है कि वह लोग आत्महत्या नहीं कर सकते।

एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब तक गला घोंटे जाने या हाथापाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं. पुलिस ने बताया कि दस लोग लोहे के जाल में फांसी से लटके थे जबकि 77 वर्षीय महिला घर के एक अन्य कमरे में मृत मिली थीं.

पीटीआई के मुताबिक, पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि नारायण देवी की मौत गला घोंटे जाने से हुई है लेकिन चिकित्सकों का कहना है उनकी मौत भी फांसी लगने के कारण ही हुई है क्योंकि रस्सी उनके शव के निकट लटकी हुई पाई गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब यह जांच का विषय है कि उनके गले से रस्सी को निकाला किसने होगा. उन्होंने कहा, ‘शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि उन सभी की मौत फांसी पर लटकने की वजह से ही हुई है. अंतिम रिपोर्ट अभी आई नहीं है.’

पुलिस को घटनास्थल से मिले हाथ से लिखे कुछ नोट्स को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि यह मामला सोच-समझकर की गई आत्महत्या का है जो किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए की गई प्रतीत होती है. अधिकारी के मुताबिक, कुछ नोट्स पर लिखा है कि ‘कोई मरेगा नहीं’ बल्कि कुछ ‘महान’ हासिल कर लेगा.

इस रजिस्‍टर में लिखा है कि पटिया अच्छे से बांधनी हैं, शून्य के अलावा कुछ नही दिखना चाहिए. रस्सी के साथ सूती चुनिया या साड़ी का प्रयोग करना हैं. 7 दिन बाद लगातार पूजा करनी है्. इस पूजा को थोड़ा लग्न और श्रद्धा के साथ करना है. इस पूजा के दौरान अगर कोई घर में आ जाए तो यह पूजा अगले दिन करनी है. इस पूजा के लिए गुरुवार और रविवार को चुना है.