बुन्देलखण्ड़ राज्य तो नहीं बना बसपा-सपा गठबंधन से डर बढ़ा

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भले ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार केन्द्र और उत्तर-प्रदेश में है पर भाजपा ने चुनावी सभाओं में कहा था कि वो बुन्देलखण्ड़ राज्य पृथक राज्य बनवाएंगे और इसी आधार पर वोट भी बटोरे। पर ऐसा नहीं हो पाया है। बुन्देलखण्ड़ को अलग राज्य बनाने की आहट सरकार की ओर से अब तक नहीं आयी, ऐसे में बुन्देलखण्ड़ वासी ठगा सा महसूस कर रहे है। वैसे बुन्देलखण्ड़ की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है ऐसे में बुन्देलखण्ड़ वासियों में अब सरकार के प्रति खासी नाराजगी है कि सरकार ने वादा नहीं निभाया।

2019 के लोक सभा चुनाव के लिये चुनावी बिसात बिछने को है ऐसे में बसपा -सपा का गठबंधन और कांग्रेस के बड़े बदलाव के तौर उत्तर -प्रदेश में दो बड़े नेताओं को जो जिम्मेदारी दी गई है जिनमें पूर्वी उत्तर-प्रदेश में प्रियंका गांधी को और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जिसमें बुन्देलखण्ड़ में आता है उसकी जिम्मेदारी कांग्रेस के सांसद ज्योतिरादित्य को सौंपी गई है। ऐसे बदलते राजनीतिक समीकरण में उत्तर -प्रदेश के हिस्से वाले बुन्देलखण्ड़ में काफी कुछ बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। आलम यह है कि जो दायित्व कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के चुनाव में ज्यातिरादित्य को सौपा था उसका असर जीत के रूप दिखा। कांग्रेस पश्चिमी उत्तर -प्रदेश के साथ-साथ बुन्देलखण्ड़ की चारों सीटों में झांसी -ललितपुर, जालौन-गरौठा, हमीरपुर-महोबा और चित्रकूट-मानिकपुर सीट पर अपना दबदबा और जीत का परचम लहराना चाहती है। उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड़ की चारों सीटों पर भाजपा के सांसद 2014 में भारी वोटों से जीते थे तब मोदी लहर का जादू था । मौजूदा हालात में इस बार बुन्देलखण्ड़ की चारों सीटों पर भाजपा को जीत के लिये काफी मशक्कत करनी पड़ेगी और ज़रूरी नहीं कि भाजपा मोदी लहर वाली जीत बुन्देलखण्ड़ में बरकरार रख सकें।

वैसे बुन्देलखण्ड़ में सपा और बसपा का दो दशक से प्रभाव है और यहंा से विधायक और सांसद बसपा और सपा से जीत कर आते रहे है। पर इस बार तो बड़ा ही अनोखा और चौकाने वाला गठबंधन हो रहा है जो किसी मायने में भाजपा के लिये शुभ नहीं है । अब बात करते है बुन्देलखण्ड़ वासियों की जिनको वर्तमान केन्द्र और भाजपा सरकार से सही मायने में नाराजगी है। उनका कहना है कि बुन्देलखण्ड़ वैसे ही सूखा, बेरोजगारी और पलायनवाद से परेशान रहा है उस पर किसानों के लिए भाजपा सरकार द्वारा कोई काम का न किया जाना। ऐसे हालात में किसान गोविन्द दास का कहना है कि किसान सिर्फ सही मायने में भगवान भरोसे होता है और नेताओं द्वारा सिर्फ छला और ठगा जाता रहा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा से बड़ी उम्मीदें थी किसानों की उम्मीदों पर भाजपा की केन्द्र और प्रदेश सरकर खरीं नहीं उतरी। बुन्देलखण्ड़ राज्य निर्माण की लेकर आंदोलनरत लोगों का कहना है कि सरकार ने बुन्देलखण्ड़वासियों के साथ धोखा किया है। राज्य निर्माण की मांग कर रहे अशोक सक्सेना और राम प्रसाद का कहना है कि इस बार चुनाव में वो ही पार्टी वोट पाने की हकदार होगी जो लिखित तौर पर चुनावी घोषणा पत्र में बुन्देलखण्ड़ राज्य निर्माण की बात करेगी। क्योंकि बुन्देलखण्ड भौगोलिक दृष्टि से पृथक राज्य का हकदार है। कांग्रेस के नेता मनोज चतुर्वेदी का कहना है कि इस बार बुन्देलखण्ड में कांग्रेस का प्रभाव बढ़ेगा और जीत हासिल होगी। बसपा के नेता छोटे लाल और सपा के नेता संजय कुमार का कहना है कि भाजपा ने नोटबंदी करके देश की अर्थ व्यवस्था चौपट कर दी थी और जो वादे किये थे उनको पूरा करना तो दूर जिक्रतक नहीं किया है ऐसे में बसपा और सपा जीत दर्ज कर बुन्देलखण्ड़ वासियों की समस्याओं का समाधान करेगी। बुन्देलखण्ड़ से भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में और 2017 के उत्तर -प्रदेश चुनाव में झूठे वादे कर वोट बटोरे पर इस बार 2019 में ऐसा नहीं हो पाएगा। भाजपा के नेता सुरेश चन्द्र मिश्रा का कहना है कि सपा-बसपा का गठबंधन और कांग्रेस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी का बुन्देलखण्ड़ की सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा बल्कि चारों सीटों पर भाजपा फिर से जीत दर्ज कराकर बुन्देलखण्ड़ को सम्पन प्रदेश बनाएगी।