बजट : आयकर स्लैब राहत नहीं, 60 लाख नई नौकरियां, 5G इसी साल से होगा शुरू

राकेश रॉकी

बजट को अगले 25 साल का ब्लू प्रिंट बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में माली साल 2022-23 के लिए 39.45 लाख करोड़ रूपये का बजट पेश पेश किया। इसमें आयकर स्लैब में कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन कई दूसरी बड़ी घोषणाएं की गयी हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत 60 लाख नई नौकरियों को सृजित करने और  इस साल संचार में 5G लागू करने की बात कही गयी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे ‘जीरो सम बजट’ जबकि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘पेगासस स्पिन’ बजट बताया है।

बजट में कारपोरेट टैक्स को 18 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने जबकि सरचार्ज को 12 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी करने का प्रस्ताव है ताकि सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा दिया जा सके। क्रिप्टो करेंसी से होने वाली आमदनी पर अब 30 फीसदी टैक्स लगेगा जबकि वर्चुअल करेंसी पर एक फीसदी टीडीएस भी लगेगा। बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लॉन्ग टर्म केपिटल  गेन पर 15 फीसदी का सरचार्ज लगेगा।

गरीबों को राहत देते हुए पीएम आवास योजना 2022-23 में 80 लाख घर लोगों को मुहैया कराएं जाएंगे और 48 हजार करोड़ रुपये इसके लिए आवंटित किए गए हैं। इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को घर दिया जा सके। बजट के अनुसार चमड़े के सामान सस्ता होंगे, कपड़ा भी सस्ता होगा। इसके अलावा मोबाइल चार्जर और मोबाइल लेंसेस सस्ते होंगे। इसके अलावा खेती का सामान सस्ता होगा और पॉलिश्ड हीरा सस्ता होगा।

एनपीएस में अब 10 फीसदी  की जगह 14 फीसदी योगदान होगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस योजना में टैक्स छूट का दायरा बढ़ा। नया टैक्स रिफॉर्म लाने की योजना है और कर्मचारियों के पेंशन पर भी टैक्स छूट मिलेगी। एनपीएस में केंद्र और राज्य का योगदान अब 14 फीसदी होगा।

वित्त मंत्री ने कहा – ‘रिजर्व बैंक डिजिटल रुपया 2022-23 में लागू करेगा। बिटकॉइन से निपटने के लिए सरकार का यह बड़ा कदम है। ग्रीन बॉन्ड के जरिए पैसे जुटाए जाएंगे। ब्लैक चेन तकनीक पर डिजिटल करेंसी जारी की जाएगी। निजी निवेश को प्रेरित करके लिए सरकार कदम उठाएगी।’

रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान के बजट को 25 फीसदी आरएंडडी के लिए रखा गया है। डीआरडीओ और अन्य संस्थाएं तकनीक को विकसित कर सकती हैं। ये तमाम वे क्षेत्र हैं जहां भारतीय उद्योगों को और ज्यादा दक्ष बनाया जा सकता है। रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान के लिए स्टार्टअप को मौका दिया जाएगा। डिफेंस सेक्टर में 65 फीसदी स्वदेसी तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा।