फडणवीस ने महाराष्ट्र से ‘गद्दारी’ की थी ?

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महाराष्ट्र के पूर्व चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस को उनके ही पार्टी के एमपी अनंत कुमार के एक दावे ने, जिसमें उनपर 40 हजार करोड बचाने के लिए 80 घंटे के सीएम बनने का आरोप लगाया है, ने सांसत डाल दिया। शिवसेना ने इस मौके पर चौका मारते हुए महाराष्ट्र का गद्दार करार दे दिया। मामले की नजाकत को भांप फडणवीस ने तुरंत फुरत मेंं अनंत कुमार के दावे को खारिज करते हुए , ठाकरे सरकार से इसकी जांच कर सच को जनता के सामने लाने की मांग डाली।

फडणवीस ने कहा, ‘ बात पूरी तरह से गलत है, मैं इसको सिरे से नकारता हूं। ऐसी कोई भी घटना घटी नहीं है। मूल रूप से जो बुलेट ट्रेन है वह केंद्र सरकार की एक कंपनी के तहत तैयार हो रही है, जिसमें महाराष्ट्र सरकार का काम केवल लैंड एक्विजिशन का है। इसलिए महाराष्ट्र सरकार के पैसे देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।’

फडणवीस ने अनंत कुमार की समझ पर भी तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें केंद्र और राज्य सरकार के अकाउंटिंग सिस्टम की समझ है, उन्हें पता है कि इस तरह पैसा न दिया जाता है न लिया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार का बुलेट ट्रेन में रोल केवल लैंड एक्विजिशन का है। बुलेट ट्रेन ही क्या किसी भी चीज के लिए महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को एक नया पैसा भी वापस नहीं किया है। जब मैं मुख्यमंत्री था या कार्यवाहक मुख्यमंत्री था, ऐसे किसी भी समय ऐसा कोई भी मेजर पॉलिसी डिसिजन मैंने नहीं लिया है। इसलिए यह बिलकुल गलत बयानबाजी है जिसे मैं सिरे से नकारता हूं।’

लेकिन जब तक फडणवीस अनंत कुमार के बयान को समझ पाते तब तक शिवसेना अपना दांव खेल चुकी थी। देवेंद्र फडणवीस को मारा उसका गद्दार करार देते हुए शिवसेना के फायर ब्रांड स्पोक्सपर्सन संजय राउत ने ट्वीट किया,’BJP सांसद अनंत कुमार हेगडे ने कहा है कि 80 घंटे के लिए मुख्यमंत्री बनकर देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के 40,000 करोड़ रुपये को केंद्र को दे दिया? यह महाराष्ट्र के साथ गद्दारी है।’

बीजेपी के एमपी और पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर अनंत हेगडे का बयान था, ”आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हमारा आदमी 80 घंटे के लिए चीफ मिनिस्टर बना। फिर फडणवीस ने सीएम पोस्ट से रिजाइन कर दिया। उन्होंने यह ड्रामा क्यों किया? क्या हम यह नहीं जानते थे कि हमारे पास बहुमत नहीं था और फिर भी वह सीएम बने।…… वहां सीएम के नियंत्रण में केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपये थे। वह जानते थे कि यदि कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की गवर्नमेंट आ जाती है तो वे विकास के बजाए रकम का दुरुपयोग करेंगे। इस वजह से यह पूरा ड्रामा किया गया। फडणवीस सीएम बने और 15 घंटे में केंद्र को 40 हजार करोड़ रुपये वापस कर दिए गए।’