पूर्वोत्तर राज्यों, पश्चिम बंगाल में नागरिकता क़ानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी, हिंसा भी

0
788

असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में नागरिकता (संशोधन) कानून का विरोध जारी है ही, उधर पश्चिम बंगाल में इसे लेकर कई जगह प्रदर्शन शुरू होने और हिंसा की खबरें हैं। असम में कर्फ्यू में ढील दी गयी है, हालांकि प्रदर्शन बड़े स्तर पर अभी भी जारी हैं। कई जगह स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

नागरिकता कानून के खिलाफ बंगाल में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की लोगों से शान्ति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा – ”लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करें और कानून को हाथ में न लें। तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

उधर पूरे असम में इंटरनेट सेवाओं पर रोक १६ दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। शनिवार को नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में असम में प्रदर्शन जारी रहे। मेघालय और त्रिपुरा में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। मेघालय के शिलॉन्ग में लगाए गए कर्फ्यू में स्थिति बेहतर होने के बाद सुबह १० बजे से शाम सात बजे तक ढील दी गई है।

 नगा छात्र संघ (एनएसएफ) के छह घंटे के बंद के बीच नगालैंड के कई हिस्सों में शनिवार को स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे और सड़कों से वाहन नदारद रहे। वैसे किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। सुबह छह बजे से बंद शुरू हो गया था।प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे छात्रों, ड्यूटी पर जा रहे चिकित्सा कर्मियों, मीडिया कर्मियों और विववाह-शादियों में शामिल होने जा रहे लोगों को सड़कों से जाने दे रहे हैं।

डिब्रूगढ़ में सुबह ८ बजे से दोपहर २ बजे तक कर्फ्यू में छूट दी गई। गुवाहाटी में लगाए गए कर्फ्यू में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ढील दी गई है। दिसपुर, उजान बाजार, चांदमारी, सिलपुखुरी और जू रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। ऑटो-रिक्शा और साइकिल-रिक्शा सड़कों पर नजर आएं लेकिन बसें अब भी नदारद रहीं। शहर में पेट्रोल पंप भी खोल दिए गए हैं, जहां वाहनों की लंबी कतारें दिखीं। वैसे स्कूल और कार्यालय अब भी बंद हैं।

इस बीच पश्चिम बंगाल में नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ प्रदर्शन में  प्रदर्शनकारियों ने कई जगह सड़कें और रेल मार्ग बाधित रखे। मुर्शिदाबाद और उत्तरी २४ परगना जिलों और हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं। मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग ३४ और जिले की गई अन्य सड़कों को बाधित कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर भेजा गया है।

पूर्वी रेलवे के सियालदह-हसनाबाद के बीच रेल सेवाएं भी बाधित हैं। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारी सुबह छह बजकर २५ मिनट से शोंडालिया और काकड़ा मिर्जापुर स्टेशनों पर पटरी पर धरना दे रहे हैं।

उधर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में २१ दिसंबर को ‘बिहार बंद” का आह्वान किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने संविधान की धज्जियां उड़ा दी हैं।

इस बीच मुंबई में रहने वाले असम के लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शहर के आजाद मैदान में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में अभिनेत्री दीपान्निता शर्मा ने भी हिस्सा लिया।