निकाय चुनाव में कांग्रेस का पलड़ा थोड़ा भारी

कश्मीर में भाजपा का खुला खाता, लद्दाख में कांग्रेस का दबदबा

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जम्मू कश्मीर के निकाय चुनाव में भाजपा ने कश्मीर घाटी में खाता खोलकर अपना परचम लहराया है हालांकि कुल मिलाकर कांग्रेस का पलड़ा इन चुनावों में भारी रहा है। कई जगह निर्दलीय भी बड़ी संख्या में जीते हैं। लद्दाख में तो भाजपा का सफाया हो गया जहाँ जनता ने कांग्रेस को दुबारा स्थानीय सत्ता की चाबी सौंप दी है। वहां भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में लोगों ने उसका साथ दिया था। नतीजों से जाहिर होता है कि तीनों खित्तों में कांग्रेस के स्थिति पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले बहुत बेहतर हुई है।

घाटी में पीडीपी और नैशनल कांफ्रेंस के चुनाव वहिष्कार के बीच यह चुनाव हुए थे और घाटी में बहुत कम वोट पड़े थे। कश्मीर घाटी में भाजपा ने ९७ वार्डों में जीत हासिल की है जिसे बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है।

स्थानीय निकाय चुनावो में लद्दाख में कुल २६ वार्डों में से कांग्रेस ने लेह नगरपालिका समिति में सभी १३ सीटों पर जीत दर्ज हासिल की है। यही नहीं कांग्रेस ने साथ लगते करगिल जिले में भी पांच वार्डों में जीत दर्ज की है। लद्दाख लोकसभा सीट से भाजपा के थुपस्टन छेवांग सांसद हैं। संसदीय सीट के तहत चार विधानसभा क्षेत्रों में से तीन पर कांग्रेस जबकि एक पर निर्दलीय विधायक हैं।

हालाँकि जम्मू के अलावा कश्मीर के कुछ इलाको में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। ”तहलका” से फोन पर बातचीत में भाजपा की कश्मीर से नेता दरख्शां अंद्राबी ने कश्मीर के कुछ हिस्सों में भाजपा की जीत पर खुशी जताते हुए इसे बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा की कश्मीर में भाजपा को लेकर जो धारणा फैलाई जाती है वो आज गलत साबित हो गयी है। ” हमारे पीएम मोदी की नीतियों की  भी यह जीत है”।

जम्मू नगर निगम में भाजपा की जीत हुई है और उसका मेयर बनाना तय है। जम्‍मू नगर निगम के चुनावों में भाजपा को ४३ सीट मिली हैं जबकि कांग्रेस को १४ और निर्दलीयों को १८ वार्ड मिले हैं। जम्मू में कुल ७५ वार्ड हैं। अधिकांश सीटों पर मुकाबला कांग्रेस और भाजपा में रहा है जबकि कहीं-कहीं निर्दलीय भी टक्कर देने में सफल रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के गढ़ अनंतनाग में कांग्रेस ने २५ में २० सीटें जीत ली हैं। कांग्रेस ने कश्मीर के डूरु निकाय में बड़ी जीत दर्ज की और उसने वहां १७ में से १४ सीटों पर कब्ज़ा कर लिया है। वैंसे भाजपा यहाँ दो सीटें जीतने में सफल रही। कोकरनाग में ८ में से ६ और यारीपोरा में ६ में से ३ सीट कांग्रेस ने जीती हैं।

बनिहाल में सभी सीटों पर कांग्रेस ने झंडा फहराया है जबकि भद्रवाह भी कांग्रेस के पाले में गया। यह इलाका प[ूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद का गढ़ माना जाता है। गंदरबल में निर्दलीयों का दबदबा रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीए मीर के प्रभाव वाले डूरु के अलावा बांडीपोरा, हाजिन और बारामुला में भी कांग्रेस हावी रही है। कम मतदान वाले श्रीनगर में बाग़-इ-महताब वार्ड में भाजपा के बशीर अहमद ने जीत कर चौंका दिया जबकि उन्हें कुल पड़े ९ में से ८ वोट मिले।  वार्ड १६ में कांग्रेस की नाजिया ने जीत दर्ज की और उन्हें कुल पड़े ५६ वोटों में से ४८ वोट मिले।

जम्मू संभाग के कठुआ और हीरानगर में भाजपा ने कामयाबी पाई है कठुआ में रेप की घटना के बाद भाजपा की काफी फ़ज़ीहत हुई थी। कठुआ में ६ निकायों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। कुल ८० वार्ड में भाजपा को ३४, कांग्रेस को १९ जबकि निर्दलीयों को २७ सीटें मिलीं हैं। मुस्लिम बहुत किश्तवाड़ में कांग्रेस को २ और भाजपा को १ जगह जीत मिली हालाँकि वहां निर्दलीय १० सीटें जीतने में सफल रहे।

उधमपुर के इलाके में भीम सिंह की पार्टी पैंथर्स पार्टी को इन चुनावों में पुनर्जीवन मिला है। उसने कुछ सीटों पर जीत हासिल की है। प्रदेश भर के ७९ म्युनिसिपल कार्पोरेशन के लिए पड़े वोटों की गिनती आज हुई है।