देवभूमि भी सुरक्षित नहीं महिलाओं के लिए | Tehelka Hindi

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देवभूमि भी सुरक्षित नहीं महिलाओं के लिए

हिमाचल में महिलाओं के खिलाफ अपराध भयावह रूप लेते जा रहे हैं। दुष्कर्म के आंकड़े एक खतरनाक स्थिति की तरफ संकेत करते हैं। दूसरे अपराध भी कम नहीं। यही हालत रही तो इस पहाड़ी सूबे में भी महिलाओं की सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगना तय है। इसी खतरे को जाहिर करती राकेश रॉकीकी खास रिपोर्ट।

2018-03-15 , Issue 05 Volume 10

तीन साल में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की 745 घटनाएं। जी हाँ, यह आंकड़े देव भूमि माने जाने वाले हिमाचल के हैं – जनवरी 2015 से दिसंबर 2017 के बीच के। इस साल की घटनाएं अलग से हैं। आंकड़ों से समझा जा सकता है कि इस पहाड़ी सूबे में भी महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन रहा है। दुष्कर्म की जिस घटना ने पिछले साल पूरे देश का ध्यान खींचा था वह शिमला के कोटखाई की थी जिसमें गुडिय़ा (काल्पनिक नाम) की दुष्कर्म के बाद बेहद निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी थी। इस घटना को एक साल होने को है लेकिन भारत की सबसे बड़ी एजेंसी माने जाने वाली सीबीआई भी असल हत्यारों तक नहीं पहुँच पाई है। इससे समझा जा सकता है कि स्थिति कितनी भयावह होती जा रही है।

”तहलका की छानबीन से जाहिर होता है कि हिमाचल में महिलाओं के प्रति अपराध अब महानगरों की ही तरह बढ़ रहे हैं। भले प्रदेश की सरकारें देश के आंकड़ों की तुलना में सूबे के आंकड़े हलके बताकर अपना पल्लू झाड़ रही हों, हकीकत यह है कि यह आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। खासकर हिमाचल जैसे सूबे में जिसे हाल के वर्षों में महिलाओं के बेहद सुरक्षित प्रदेश माना जाता रहा है। तहकीकात से जाहिर होता है कि 2015 में प्रदेश में दुष्कर्म से जुडी 244 घटनाएं हुईं जबकि 2017 में इसका आंकड़ा 248 रहा।

यह सिर्फ दुष्कर्म केे आंकड़े हैं। महिलाओं से छेड़छाड़ की 2015 में 433, 2016 में 410 और 2017 में 404 घटनाएं हुई। यह आंकड़े वे हैं जो पोलिस के पास दर्ज हुए। समझा जा सकता असल घटनाएं इससे कहीं ज्यादा रही होंगी क्योंकि बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियानों के बावजूद अभी भी पहाड़ी समाज में इस तरह के अपराध की सूचना पोलिस को देने पर लोग झिझकते हैं। इसके पीछे कारण बदनामी का डर होता है हालाँकि सच् यह भी है कि इस तरह के अपराध की शिकायत पोलिस को न देने से सिर्फ अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं।  ”मैं समझती हूँ कि यह आंकड़े हिमाचल के हिसाब से बहुत चिंता पैदा करने वाले हैं। हालात खराब हो रहे हैं। इस मामले में कानून व्यवस्था में बेहद सुधार की ज़रुरत है,ÓÓ यह कहना है अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता वर्मा का।

इस साल में तो महिलाओं के खिलाफ अपराध की मानों बाढ़ आई हुई है। ज्वाली पुलिस चौकी कोटला के तहत एक 20 वर्षीय युवती की फरवरी के शुरू में हत्या कर दी गई। हत्या के बाद युवती का अर्धनग्न अवस्था में शव ग्राम पंचायत जोल से करीब दो किलोमीटर दूर एक जंगल में फेंक दिया गया। युवती तीन फरवरी को अपनी बहन के ससुराल में गई थी। अपनी बहन के घर रुकने के बाद वह अपने घर के लिए चली आई, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। पांच फरवरी को युवती के पिता ने पुलिस चौकी कोटला में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

फरवरी में ही हमीरपुर के एक निजी कालेज में शिक्षक ने इसी कालेज की एक छात्रा के अस्मत लूट ली। पुलिस ने आरोपी प्राध्यापक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।   छात्रा के नाबालिग होने के चलते पोस्को एक्ट भी लगाया गया है। मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बता दें कि पिछले कल हमीरपुर के एक निजी कॉलेज में एक प्राध्यापक के छात्रा के साथ दुराचार करने का मामला सामने आया था। इसको लेकर छात्रा के परिजनों व अन्य लोगों ने कॉलेज में ही प्राध्यापक की पिटाई कर दी थी। जिसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंच गया था। छात्र सड़कों पर उतर आए और दोषी के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्राध्यापक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की पुष्टि एसपी हमीरपुर रमन कुमार मीणा ने की है। उनके मुताबिक पुलिस ने प्राध्यापक पर रेप और पोस्को एक्ट के सेक्शन चार के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है। पीडि़त छात्रा के बयान लिए जाएंगे। मामले में तेजी से कार्रवाई की जाएगी। हमारी कोशिश रहेगी कि मामले में एक माह के अंदर चालान कोर्ट में दाखिल किया जाए। पीडि़त छात्रा के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।

12 फरवरी को शाहपुर के पुलिस चौकी कोटला के तहत एक बीस वर्षीय युवती की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद युवती का अर्धनग्न अवस्था में शव ग्राम पंचायत जोल से करीब दो किलोमीटर दूर एक जंगल में फेंक दिया गया। युवती शाहपुर क्षेत्र के भनियार की रहने वाली थी, उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पिता ने पुलिस चौकी कोटला में की थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी, साथ ही फोरेेंसिक टीम भी मौके से साक्ष्य जुटाकर ले गई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर शक के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो रिश्ते में उसका मामा लगता है। युवती के शरीर पर गहरे घाव थे और माना जा रहा है कि युवती की हत्या गला दबाकर की गई है। मर्डर मामले में कोटला पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई अशोक कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गाय। यह कार्रवाई लोगों की शिकायत के बाद एसपी कांगड़ा संतोष पटियाल ने की। बता दें कि युवती मर्डर मामले में लोगों का आरोप है कि  युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। न ही पुलिस ने उस समय कॉल रिकॉर्ड खंगाले और न ही कोई और कार्रवाई की।

12 फरवरी को ही नेरवा में एक गांव में बिजली विभाग में कार्यरत व्यक्ति के खिलाफ  एक गूंगी-बहरी लड़की के साथ दुराचार का मामला पुलिस में दर्ज हुआ। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। घर में अकेली देखकर 35 वर्षीय एक गूंगी-बहरी लड़की के साथ  55 साल के इस व्यक्ति ने रेप कर डाला। गांव में एक शादी की पार्टी थी और लड़की के पिता और भाई वहां गए हुए थे। लड़की घर पर अकेली थी  तभी भगतराम उम्र 56 साल नामक व्यक्ति जोकि बिजली विभाग नेरवा में कार्यरत है, लड़की को अकेली देख कर  उसके कमरे में गया। कमरा बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब लड़की का भाई घर पंहुचा तो उसे लड़की के कमरे से खांसने की आवाज आई और उसे लगा की कोई कमरे में है और वह दरवाजा खोलने लगा। जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने दरवाजा तोड़ा तो देखा की वह अर्धवस्त्र अवस्था में था और उसकी बहन लहूलुहान पड़ी थी। तभी उसने गांव के लोगों को बुलाया और और साथ उस व्यक्ति की उसी अवस्था में फोटो खींच ली । उसके बाद नेरवा पुलिस को सूचना दी। नेरवा पुलिस ने मौके पर जाकर आरोपी को गिरफ्तार कर 376 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

अगले ही दिन ऊना में मामला सामने आया। वहां पर स्कूल से छुट्टी होने पर घर लौट रहीं दो छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने और अश्लील हरकतें करने की घटना हुई।  मामला पुलिस के पास पहुंच गया जिसने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। घटना थाना ऊना के तहत पड़ते एक स्कूल की जहाँ छुट्टी होने पर दो छात्राएं घर लौट रहीं थीं। रास्ते में बाइक सवार तीन युवक मिले और दोनों छात्राओं का रास्ता रोककर अश्लील बातें करने लगे। छात्राओं का कहना है कि तीनों ने शराब पी रखी थी।

16 फरवरी को जवालामुखी में बंधक बनाकर एक नाबालिग लड़की  की अस्मत लूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया । पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया । जानकारी के अनुसार 18 की रात एक नाबालिग लड़की घर से कुछ ही दूरी पर शौच करने गई थी। इस दौरान वहां पहले से घात लगाए बैठे एक युवक ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ -पांव बांध कर उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद युवक ने पीडि़ता को घटना के बारे में किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जब काफी देर तक युवती घर नहीं लौटी तो परिजनों उसकी तलाश में गए, तो उन्हें कुछ दूरी पर ही लड़की बेहोशी की हालत में मिली। होश आने पर युवती ने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों ने ज्वालामुखी थाने में घटना की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गांव का ही युवक बताया जा रहा है। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत के आधार पर धारा 376ए 511ए 341 और 506 के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी।

21 फरवरी को नाहन पुलिस थाना रेणुका में एक व्यक्ति की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ  युवती से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर रेणुका पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार रेणुका थाने में युवती के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई कि कोटीधिमान इलाके के भवाई बलीच गांव के दो भाइयों ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की है। साथ ही यह बात किसी दूसरे को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने वीरेंद्र सिंह व प्रकाश के खिलाफ  मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि एएसपी मोनिका ने की है।

छानबीन से जाहिर होता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध (दुष्कर्म) की सबसे ज्यादा घटनाएं कांगड़ा जिले में हुई हैं। 2015 में इस जिले में 46, 2016 में 41 और 2017 में 37 घटनाएं हुईं। इसी तरह शिमला में इन वर्षों में क्रमश 24, 28 और 29, कुल्लू में 23, 17 और 19 चम्बा में 26, 15 और 10, मंडी में 29, 30 और 37 जबकि सिरमौर में क्रमश 31, 34 और 23 दुष्कर्म की घटनाएं हुईं।

सीएम भी चिंतित

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी इन आंकड़ों से विचलित दिखते हैं। ”तहलका’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे दूसरे प्रदेशों से आंकड़ों की तुलना करके मामले की गंभीरता कम नहीं करना चाहते। ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने 26 जनवरी को ”शक्ति बटन ऐप्प” की शुरुआत की जिसमें संकट में फंसी महिला या लड़की को तुरंत मदद पहुँचाने और अपराधी को पकडऩे की सुविधा है। इसमें संकट में फंसी महिला या लड़की जैेसे ही अपने मोबाइल में इस ऐप्प पर लाल बटन दबाएगी, 20 सेकण्ड में इसकी सूचना पुलिस तक उसके फोन नंबर, नाम, लोकेशन समेत पहुँच जाएगी। पुलिस तुरंत हरकत में आकर अपराधी को दबोच सकती और महिला की मदद कर सकती है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने ”गुडिय़ा हेल्पलाइन” भी लांच की है। मुख्यमंत्री का कहना था कि इस मामले में उनकी सरकार बेहद संवेदनशील है और महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्ती बरती जाएगी।

मजऱ् बढ़ता गया ज्यों – ज्यों दवा की

राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो के अनुसार 2011 से 2016  तक के छह सालों में देश भर में बलात्कार के 1,93,169 मामले दर्ज किए गए। ज़ाहिर है ये आंकडे पूरा सच बयान नहीं कर रहे क्योंकि ज़्यादातर मामलों में लोग पुलिस के पास नहीं जाते। बलात्कार के सर्वाधिक मामले 2016 के हैं। 2016 में 38,947 केस दर्ज किए गए।  ध्यान रहे कि 2017 के आकड़े अभी उपलब्ध नहीं है। बलात्कार के अपराध में मौत की सज़ा का प्रावधान हो जाने के बावजुद इनमें किसी प्रकार  की कोई कमी नहीं देखी गई है।2011 के 24,206 मामलों की बढ़ती यह गिनती 2016 में 38,947 तक पहुंच गई।

इसके अलावा 2012 में 24,923, 2013 में 33,707, 2014 में 36,735 और 2015 में 34,651मामले दर्ज किए गए।

2016 के आंकड़ों का अगर राज्यवार ब्यौरा देखा जाए तो बलात्कार के सर्वाधिक मामले मध्यप्रदेश (4,882) उत्तरप्रदेश (4816) और महाराष्ट्र (4,189) के हैं। 2015 में भी इस मामले में मध्यप्रदेश (4,391) नंबर एक पर था। इनके अलावा राजस्थान (3616) और दिल्ली (2155) भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं माने जा सकते। हिमाचल प्रदेश में 2016 में 252 महिलाओं से बलात्कार होना इस राज्य की संस्कृति को देखते हुए चिंता का विषय है।

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 10 Issue 05, Dated 15 March 2018)

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