थालीनॉमिक्स और मध्यमवर्ग की आकांक्षाओं की फ़िक्र

सरकार का कहना है कि यह बजट आकांक्षी भारत, सभी का आर्थिक विकास करने वाला भारत और सभी की देखभाल करने वाला समाज भारत पर केंद्रित है। सरकार के 2020-21 के बजट पर एक नज़र

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पाँच पाँच ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य के दबाव और गम्भीर आर्थिक स्थिति के बीच नया बजट देश में उभर रही उन चिन्ताओं को साधने की भी कोशिश है, जो नागरिकता कानून और सम्भावित एनआरसी के विरोध और आन्दोलन से पैदा हुई हैं। किसानों के लिए फिर घोषणाओं का पिटारा रखा गया है, लेकिन ये घोषणाएँ कितनी फलीभूत होंगी, यह फिर देखना है। अभी तक मोदी सरकार न्यू इंडिया पर केंद्रित रही; लेकिन इस बजट में अचानक मोदी सरकार की भारत के लिए चिन्ता उजागर हुई है।

कुल मिलाकर यह बजट मध्यम वर्ग के उस वोट बैंक को खुश रखने की कोशिश है, जिसने पिछले दो लोकसभा चुनावों में भाजपा को दिल खोलकर समर्थन दिया है। वित्त मंत्री का कहना है कि बजट मुख्यत: तीन बातों- आकांक्षी भारत, सभी के लिए आर्थिक विकास करने वाला भारत और सभी की देखभाल करने वाला समाज भारत पर केंद्रित है। मोदी सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में थालीनॉमिक्स का नया शब्द गढ़ा गया, तो इसके साफ मायने हैं कि मोदी सरकार उस वर्ग की नाराज़गी के प्रति चिन्तित है, जो हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के साथ खड़ा दिखता रहा है; लेकिन पिछले महीनों में उसकी सोच में बदलाव आया है। मोदी सरकार ने आयकर ढाँचे में व्यापक बदलाव किया है और नये स्लैब बनाये हैं। देखने में बहुत लुभावना लगने वाला बजट उतना लुभावना नहीं है। नये स्लैब के तहत टैक्स का भुगतान वही करदाता कर सकेंगे, जो पूर्व नियमों के तहत मिलने वाली छूट और कटौतियों को छोड़ देंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, नयी आयकर व्यवस्था वैकल्पिक होगी। करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नयी व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा। अगर नयी व्यवस्था के तहत टैक्स भरते हैं, तो पूर्व नियमों के तहत मिलने वाली छूट और कटौतियों को छोडऩा पड़ेगा। रोज़गार को लेकर पिछले बजटों में बहुत कुछ कहा गया; लेकिन विभिन्न सर्वे बताते हैं कि इन वर्षों में लाखों रोज़गार चले गये हैं। देश की इस सबसे बड़ी चिन्ता के निवारण के लिए कुछ खास बजट में नहीं दिखता। यह चिन्ताएँ वैसे ही हैं, जो नोटबंदी और बाद में जीएसटी लागू करते हुए बहुत लाभकारी बतायी गयी थीं; लेकिन इनका व्यापक असर आज तक लोग भुगत रहे हैं।।

आयकर में बड़ा बदलाव

वित्त मंत्री ने आयकर (टैक्‍स स्‍लैब) में बड़े बदलाव का ऐलान किया और कहा कि 5 से 7.5 लाख रुपये तक की आमदनी पर 10 फीसदी टैक्‍स देना होगा। इसके साथ ही 7.5 से 10 लाख रुपये तक की आमदनी पर 15 फीसदी, 10 से 12.5 लाख रुपये की आमदनी पर 20 फीसदी टैक्‍स, 12.5 से 15 लाख रुपये की आमदनी पर 25 फीसदी और 15 लाख से ऊपर की आमदनी पर 30 फीसदी टैक्‍स देना होगा। लेकिन नयी आयकर व्यवस्था वैकल्पिक होगी, करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नयी व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा।

अप्रत्यक्ष करों में मुकदमेबाज़ी कम करने के लिए सबका विश्वास स्कीम लायी गयी थी। इस स्कीम के तहत 1,89 हज़ार से अधिक मामलों का निपटान किया गया। लाभांश वितरण कर समाप्त कर दिया गया है। अब लाभांश पाने वालों को कर देना होगा। कस्टम ड्यूटी से 14 रियायतें वापस ले ली गयी हैं। अब आधार के ज़रिये पैन कार्ड फौरन मिलेगा।

बनेगा टैक्स पेयर चार्टर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020-21 में ऐलान किया कि सरकार एक टैक्स पेयर चार्टर बनायेगी, जिससे अब किसी भी करदाता कोई भी तंग नहीं कर पायेगा। किसानों को 15 लाख करोड़ तक कर्ज़ का देने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री के रूप में वह दूसरी बार बजट पेश रहीं निर्मला सीतारमण ने लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की अगुआई में मिली जीत का ज़िक्र किया और कहा कि यह प्रचंड जनादेश था और स्थायित्व ने वाला है।

सस्ता होम लोन और रियायतें

सस्ते मकान की खरीद के लिए 1,50,000 रुपये तक अतिरिक्त कटौती को एक वर्ष बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। विद्युत क्षेत्र में निवेश के लिए घरेलू कम्पनियों को भी 15 फीसदी रियायती कॉरपोरेट कर देने का प्रस्ताव, निवेशकों को राहत प्रदान करने के लिए लाभांश वितरण कर को हटाने का प्रस्ताव है।

नयी शिक्षा नीति जल्द

नयी शिक्षा नीति की घोषणा जल्द की जाएगी। समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए डिग्री स्तर का ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विदेशों से कर्ज़ और एफडीआई के उपाय किये जाएँगे। शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है।

एलआईसी की हिस्सेदारी बिकेगी

वित्त मंत्री ने एलआईसी में सरकारी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। साथ ही सूक्ष्म और लघु उद्योगों की भुगतान में देरी की समस्या और नकदी प्रवाह की समस्या से निपटने के लिए एप आधारित इनवॉयस वित्त पोषण ऋण उत्पाद पेश करने का ऐलान किया गया है। सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अराजपत्रित पदों पर भर्ती में महत्त्वपूर्ण सुधार के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना करने का प्रस्ताव है।

इस साल के दौरान सभी मंत्रालय गुणवत्ता मानक आदेश जारी करेंगे। इससे देश में गुणवत्ता वाले सामान की बिक्री को प्रोत्साहन दिया जा सकेगा और घटिया सामान के आयात पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

जीएसटी और महँगाई

जीएसटी पर वित्त मंत्री ने अरुण जेटली को याद किया और कहा कि उनकी दूरदर्शिता के चलते जीएसटी लागू हुआ और इससे डरावना इंस्पेक्टर राज खत्म हो गया। कहा कि बैंकिंग सिस्टम सुधार आया है, जिससे बैंकों की हालत में सुधार हुआ है। अब तक 40 करोड़ का जीएसटी फाइल हो चुका है। अर्थव्यवस्था की बुनियाद  मज़बूत है और 2014 से 2019 के बीच सरकारी कामकाज में बदलाव आया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार महँगाई को काबू करने में कामयाब हुई है। बीते साल 16 लाख से •यादा नये करदाता जुड़े हैं। जीडीपी में हमारा कर्ज़ अनुपात घटा है। छोटे और मझोले उद्योगों को राहत मिली है। सरकार ने व्यवस्था को बदल डाला है। पीएम मोदी के नारे सबका साथ, सबका विकास में प्रधानमंत्री आवास योजना बेहतर रही। सीतारमण ने साल 2020-21 के लिए अनुमानित जीडीपी 10 फीसदी आँकी, हालाँकि उनके ऐसा कहते ही संसद में ज़ोरदार हंगामा हुआ।

वित्त मंत्री ने सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अराजपत्रित पदों पर भर्ती में महत्त्वपूर्ण सुधार के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना करने का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि इस साल के दौरान सभी मंत्रालय गुणवत्ता मानक आदेश जारी करेंगे। इससे देश में गुणवत्ता वाले सामान की बिक्री को प्रोत्साहन दिया जा सकेगा और घटिया सामान के आयात पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

जी-20 सम्मेलन में भारत

वित्त मंत्री ने कहा कि 2022 का जी-20 सम्मेलन भारत में होगा और इसके आयोजन की तैयारी के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए लगभग 9500 करोड़ रुपये का आवंटन है। साल 2020-21 के लिए संस्कृति मंत्रालय के लिए 3150 करोड़ रुपये की व्यवस्था, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2500 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है।

एक अहम घोषणा में कहा कि बड़े नगरों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए 4400 करोड़ का आवंटन किया गया है। अब बैंकों में जमा 5 लाख रुपये तक की रकम पूरी तरह सुरक्षित होगी, जबकि पहले यह एक लाख थी। उन्होंने  कहा कि 112 आकांक्षी ज़िलों में जहाँ आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल नहीं हैं।

हाई स्पीड ब्रॉडबैंड

वहाँ सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत अस्पताल बनाने को प्राथमिकता-ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड सुविधा मिलेगी। ग्राम पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोडऩे वाले भारतनेट कार्यक्रम के लिए 2020-21 में 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। एक लाख ग्राम पंचायतों को इससे जोड़ा जाएगा और डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने के लिए जल्द नीति बनेगी। उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ में बेहतरीन नतीजे देखने को मिले हैं। छ: लाख से अधिक आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समार्टफोन दिये गये हैं। साल 2020-21 के पोषण सम्बन्धी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ का प्रस्ताव है। महिला विशिष्ट कार्यक्रमों को 28,600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। साल 2020-21 में विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को लगभग 22,000 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। राष्ट्रीय गैस ग्रिड को मौज़ूदा 16,200 किमी से बढ़ाकर 27,000 किमी तक पहुँचाने का प्रस्ताव है।

150 ट्रेनें, 100 हवाई अड्डे

देश में तेजस की तरह और रेलगाडिय़ाँ चलायी जाएँगी। मुम्बई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन का काम आगे बढ़ाया जाएगा। बेंगलूरु उप नगरीय रेलगाड़ी परियोजना में केंद्र सरकार 20 फीसदी शेयर पूँजी लगायेगी। पीपीपी मॉडल की तरह 150 नयी ट्रेनें चलायी जाएँगी। इसके अलावा उड़ान योजना को बढ़ावा देने के लिए 100 और हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साल 2024 तक 6,000 किलोमीटर हाईवे बनाये जाएँगे। क्वांटम तकनीक और एप्लीकेशन पर पाँच वर्ष में 8000 करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव है। राष्ट्रीय लॉजिस्टक नीति का जल्द ऐलान होगा। राष्ट्रीय लॉजिस्टक नीति, एकल खिडक़ी ई-लॉजिस्टिक बाज़ार बनाया जाएगा और पीएम किसान के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देंगे, प्रोत्साहित करने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।

अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 85 हज़ार करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है, अनुसूचित जनजाति के लिए 53 हजार 700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेमी कंडक्टर पैकेजिंग के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना है। नेशनल इन्फ्रा पाइपलाइन के लिए 1.03 लाख करोड़ रुपये रखे गये हैं। स्मार्ट मीटरिंग की नयी योजना बनेगी।

राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय

राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय का प्रस्ताव, विदेश में शिक्षकों, नर्सों, चिकित्सा सहायक कर्मचारियों के कौशल को बेहतर किये जाने की ज़रूरत-मोबाइल फोन विनिर्माण, कलपुर्जे, सेमीकंडक्टर के लिए नयी योजना लायी जाएगी। नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। मोबाइल फोन विनिर्माण, कलपुर्जे, सेमीकंडक्टर के लिए नयी योजना लायी जाएगी, जल जीवन मिशन के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गयी है।

ढाँचागत परियोजनाओं के लिए परियोजना तैयारी सुविधा विकसित की जाएगी। सभी सरकारी एजेंसियों को इससे जोड़ा जाएगा। किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में मदद दी जाएगी। जिन किसानों के पास बंज़र ज़मीन है, उस पर उन्हें सौर बिजली इकाइयाँ लगाने और अधिशेष बिजली सौर ग्रिड को बेचने में मदद की जाएगी।

टीबी हारेगा, देश जीतेगा

साल 2025 तक टीबी समाप्त करने के लिए ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ अभियान चलाया जाएगा। साल 2024 तक सभी ज़िलों में जन औषधि केंद्र का विस्तार, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग 69 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान होगा। जन औषधि केंद्र हर ज़िले में खोले जाएँगे, 12300 करोड़ स्वच्छ भारत मिशन के लिए रखा गया है। स्किल इंडिया के लिए 3 हज़ार करोड़ रुपये का बजट है। पाँच नये स्मार्ट शहर विकसित किये जाएँगे। विदेशों में नौकरी के लिए ब्रिज कार्यक्रम चलाये जाएँगे। मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर 200 लाख टन करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। समुद्री मत्स्य संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने का प्रस्ताव है और साल 2022-23 तक मत्स्य उत्पादन बढ़ाकर 200 लाख टन करने का प्रस्ताव लाया जाएगा।

किस पर लगेगा कितना कर (टैक्स)

पाँच लाख तक की आय रहेगी कर मुक्त

5 लाख से 7.5 लाख रुपये तक की आय पर लगेगा 10 फीसदी कर

7.5 लाख से 10 लाख तक की आय पर देना होगा 15 फीसदी कर

10 लाख से 12.5 लाख तक की आय पर लगेगा 20 फीसदी कर

12.5 लाख से 15 लाख तक की आय पर लगेगा 25 फीसदी कर

15 लाख से ऊपर आय पर 30 फीसदी कर किसको, कितना बजट

शिक्षा : 99,300 करोड़ रुपये

स्‍वास्‍थ्‍य : 69,000 करोड़ रुपये

कृषि/सिंचाई : 2.83 लाख करोड़

ग्रामीण विकास : 1.23 लाख करोड़

स्वच्छ भारत मिशन : 12,300 करोड़

जल जीवन मिशन : 11,500 करोड़

टैक्‍सटाइल मिशन : 1480 करोड़

इंडस्‍ट्री और कॉमर्स : 27,300 करोड़

नेशनल इंफ्रा पाइपलाइन : 103 लाख करोड़ रुपये

बेंगलूरु लोकल प्रोजेक्‍ट : 18600 करोड़

ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर : 1.7 लाख करोड़

पॉवर रिन्‍यूएबल : 22000 करोड़

भारतनेट प्रोग्राम : 6000 करोड़ रुपये

पोषाहार योजना : 35,300 करोड़ रुपये

महिलाओं की योजना :  28,600 करोड़ रुपये

टूरिज्‍म : 2500 करोड़ रुपये

एससी और ओबीसी वर्ग : 85,000 करोड़ रुपयेे

संस्‍कृति मंत्रालय : 3150 करोड़ रुपये  जम्‍मू-कश्‍मीर/लद्दाख : 30,700 करोड़ रुपयेे

स्किल डेवलपमेंट : 3000 करोड़ रुपये

किसानों को लिए क्या?

वैसे तो बजट में किसानों को लेकर दिया गया प्रस्ताव बड़ा लुभावना लगता है,  हकीकत में किस हद तक तब्दील हो पाएगा, यह आने वाले समय में ही पता चलेगा। कृषि/सिंचाई क्षेत्र के लिए 2.83 लाख करोड़ रखे गये हैं। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने को लेकर प्रतिबद्ध है। किसानों के लिए 16-सूत्री एक्शन प्लान प्रस्तुत किया गया है, जिसमें किसानों के लिए नये बाज़ार को खोलने और उनका दायरा अन्नदाता तक सीमित न रखते हुए ऊर्जादाता के रूप में स्थापित किये जाने की सरकारी पेशकश है।

देखा जाए तो कांग्रेस नेता राहुल गाँधी की किसान यात्राओं से कांग्रेस को चुनाव में भले फायदा नहीं मिला, भाजपा उस दिशा में सोचने पर मजबूर दिखती है। इस बजट की मुख्य बातें हैं- एग्रीकल्चरल लैंड लीजिंग एक्ट 2016, प्रोड्यूस लाइवस्टॉक एक्ट 2017, सर्विसेज फैसिलिटेशन एक्ट 2018 को राज्य सरकारों से लागू करवाना, 100 ज़िलों में पानी की व्यवस्था के लिए बड़ी योजना चलायी जाएगी, ताकि किसानों को पानी की दिक्कत न रहे, पीएम कुसुम स्कीम के ज़रिये किसानों के पम्प को सोलर पम्प से 20 लाख किसानों को योजना से जोड़ा जाएगा और इसके अलावा 15 लाख किसानों के ग्रिड पम्प को भी सोलर से जोड़ा जाएगा। उर्वरता बढ़ाने पर फोकस रखा जाएगा और इसके लिए रासायनिक खादों के इस्तेमाल को कम किया जाएगा।

 देश में मौज़ूद वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज को नाबार्ड के ज़रिये नये तरीके से विकसित किया जाएगा। देश में और भी वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज बनाये जाएँगे और उसमें पीपीपी मॉडल अपनाया जाएगा, महिला किसानों के लिए धन्य लक्ष्मी योजना का ऐलान किया गया है, जिसके तहत बीज से जुड़ी योजनाओं में मुख्य तौर पर महिलाओं को जोड़ा जाएगा। दूध, मांस, मछली सहित जल्द खराब होने वाली चीज़ों को सुरक्षित पहुँचाने के लिए वातानुकुलित किसान रेल कोच चलाये जाएँगे।

कृषि उड़ान योजना को नेशनल और इंटरनेशनल रूटों पर शुरू किया जाएगा, बागवानी क्षेत्र में 311 मिलियन मीट्रिक टन की वर्तमान में पैदावार है और अब बागवानी के किसानों के लिए ज़िला स्तर पर योजना लायी जाएगी।