जयपुर के कनिष्क सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम

वायनाड की आदिवासी लड़की श्रीधन्य भी सूची में, राहुल की बधाई

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आईआईटी बंबई से बीटेक की पढ़ाई करने वाले कनिष्क कटारिया ने सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है जबकि सृष्टि जयंत देशमुख महिला अभ्यर्थियों में शीर्ष (पूरी सूची में पांचवीं) रही हैं। उधर केरल के वायनाड जिले की  श्रीधन्या पहली ऐसी महिला आदिवासी बन गई हैं जिन्होंने अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास की हो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने श्रीधन्य को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा की फाइनल परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। यूपीएससी ने एक बयान में बताया कि आयोग ने आईएएस, आईपीएस और आईएफएस आदि पदों पर नियुक्ति के लिए कुल ७५९  अभ्यर्थियों के नाम घोषित किये हैं जिनमें ५७७ पुरुष और १८२ महिलाएं हैं। जयपुर के कनिष्क कटारिया इस परीक्षा में अव्वल रहे हैं और बीते चार साल में यह दूसरा मौका है जबकि किसी दलित ने यह परीक्षा टॉप की है। इससे पहले २०१५ में टीना डाबी पहले नंबर पर रही थीं।
कटारिया अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में गणित लिया था। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। संघ लोकसेवा आयोग ने शुक्रवार रात परिणाम जारी किए। इनमें जयपुर के कनिष्क कटारिया को पहली रैंक मिली है। इसके अलावा जयपुर के ही अक्षत जैन दूसरे, अजमेर के श्रेयांस कूमट चौथे तथा नीमकाथाना सीकर के शुभम गुप्ता छठे स्थान पर हैं। उल्लेखनीय है कि  २०१३ में जयपुर के गौरव अग्रवाल इस परीक्षा में अव्वल रहे थे।
दिलचस्प यह है कि कनिष्क आईआईटी मुंबई से बीटेक के बाद कोरिया में एक मोबाइल कंपनी में नौकरी करने चले गए थे। लेकिन सिविल सेवा में जाने की ललक में उन्होंने पूरे मनोयोग से तैयारी की। उनके पिता सांवरमल भी आईएएस अधिकारी हैं। दूसरे स्थान पर रहे अक्षत जैन आईआईटी गुवाहाटी से पढे हैं। उनके पिता डीसी जैन आईपीएस हैं और अक्षत का परीक्षा में यह दूसरा प्रयास था। आडिट और  एकाउंट सेवा में कार्यरत शुभम गुप्ता ने चौथे प्रयास में छठी रैंक हासिल की है।
उधर केरल के वायनाड की श्रीधन्य ने सिविल सेवा परीक्षा २०१८ में ४१० वीं रैंक हासिल की है। श्रीधन्या सुरेश केरल की पहली ऐसी महिला आदिवासी बन गई हैं जिन्होँने अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास की हो।
उनकी इस उप‍लब्धि पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें बधाई दी है। संयोग से राहुल गांधी इस बार अमेठी के साथ वायनाड से भी लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।  राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा – ”श्रीधन्या सुरेश सिविल सेवा में चयनित होने वाली वायनाड की पहली आदिवासी लड़की हैं। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने उनके सपने को सच किया। मैं श्रीधन्या और उनके परिवार को बधाई देता हूँ और करियर में उनकी अपार सफलता की कामना करता हूं।”
@RahulGandhi
 Ms Sreedhanya Suresh from Wayanad, is the first tribal girl from Kerala to be selected for the civil service. Sreedhanya’s hard work & dedication have helped make her dream come true. I congratulate Sreedhanya and her family and wish her great successs in her chosen career.