केरल में तबाही का मंजर

पीएम ने किया हवाई सर्वेक्षण, दूसरे राज्यों ने मदद का हाथ बढ़ाया

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केरल में तबाही का मंजर है। हर तरफ जल-थल है। बीते नौ दिन में भारी बारिश और बाढ़ से १८९  लोगों की मौत हो चुकी है। मई से अब तक  यह अंखडा ३२४ का है। केरल भर में करीब सवा तीन लाख लोग बेघर होकर 1568 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। केरल में यह आज तक का सबसे गंभीर बाद संकट है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। उन्होंने राज्य को 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मदद देने की घोषणा की है। पहले भी १०० करोड़ की मदद केंद्र सरकार ने दी थी। आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को केंद्र की तरफ से 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से फोन पर बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार देर रात केरल पहुंचे थे। शनिवार सुबह कोच्चि में मुख्यमंत्री और आला अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद वे मुख्यमंत्री के साथ हवाई सर्वे के लिए निकले।

उधर कांग्रेस अध्यक्ष ने केरल की हालत को देखते हुए हैरानी जताई है कि क्यों मोदी सरकार ने इसे ”राष्ट्रीय आपदा” अभी तक घोषित नहीं किया है। राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे सूबे में लोगों की मदद को आगे आएं।

केरल में चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने रविवार तक केरल और पड़ोसी तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। एर्नाकुलम के अलुवा में ही ७० हजार लोग विष्ठापन का दर्द झेल रहे हैं। सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक बाढ़ से केरल में आठ हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

केरल में सेना के साथ एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जलभराव के चलते राज्य में छोटे-बड़े 80 बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। केरल में बाद से जल योजनाएं फेल हो गयी हैं और वहां पीने के पानी की बड़ी कमी हो गयी है। बाढ़ के कारण कोच्चि एयरपोर्ट बंद है। एअर इंडिया ने कोच्चि की अपनी विमान सेवाओं को तिरुवनंतपुरम से शुरू किया। शुक्रवार को राज्य से गुजरने वाली या चलने वाली 35 ट्रेनों को रद्द किया गया। केरल सरकार कोच्चि के नौसेना हवाई अड्डे से भी उड़ानें शुरू कराने की कोशिश में हैं।

केरल में गंभीर हालत देखते हुए दूसरे राज्यों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। विभिन्न राज्यों ने केरल को आर्थिक मदद की घोषणा की है।