'कांग्रेस ने योजना तक तो बनाई नहीं, विकास कहां किया' | Tehelka Hindi

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‘कांग्रेस ने योजना तक तो बनाई नहीं, विकास कहां किया’

2017-11-15 , Issue 21 Volume 9

dhumal

प्रेम कुमार धूमल को हिमाचल में भाजपा का सबसे कद्दावर नेता माना जाता है। दो बार मुख्यमंत्री रहने के अलावा वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं और इस बार भी भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी हैं। यह माना जाता है कि 1998 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो इसमें नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी भूमिका थी जो उस समय हिमाचल भाजपा के प्रभारी थे। इसके बाद से आज तक वे मोदी के कट्टर समर्थक रहे हैं। पिछले पांच साल में कांग्रेस सरकार को वे अपने बूते विधानसभा के भीतर और बाहर घेरते रहे हैं। यह माना जाता है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी यदि किसी विपक्षी नेता को चुनाव में खतरा मानते हैं तो वे धूमल ही हैं हालांकि वीरभद्र सिंह सरकार ने पिछले पांच साल में उनके और उनके सांसद बेटे के खिलाफ मामले भी बनाये हैं। सुजानपुर में धूमल से चुनाव को लेकर जो बात की उसके कुछ अंश।

यह क्या हुआ, आलाकमान ने आपका हलका ही बदल दिया। सुना है आप इससे प्रसन्न नहीं।

नहीं ऐसा कुछ नहीं। पार्टी का फैसला है और कुछ सोच समझ कर ही किया गया होगा। अवश्य इससे पार्टी का हित जुड़ा होगा।

कांग्रेस ने वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। भाजपा कार्यकर्ता अभी इन्तजार कर रहे हैं। क्या इसका नुकसान नहीं हो रहा क्योंकि सभी को उम्मीद थी कि जिस तरह पिछले पांच साल से आप पार्टी का विधानसभा के भीतर और बाहर भी नेतृत्व कर रहे हैं उसे देखते हुए आप पार्टी की स्वाभाविक पसंद होंगे।

हाँ, यह सही है कि कार्यकर्ता मायूस हैं पर आलाकमान के ध्यान में यह बात है। मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। ऐसा 1998 के चुनाव में भी हुआ था जब चुनाव से तीन – चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी ने ऐलान किया था। यह आलाकमान का विशेषाधिकार है और उचित समय पर उसकी तरफ से कोई फैसला होगा। कांग्रेस किसी को भी नेता घोषित कर दे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वह बुरी तरह हारने जा रही है।

क्या भाजपा में टिकट चयन पर आप संतुष्ट हैं?

पार्टी के टिकट चयन का अंतिम अधिकार पार्टी आलाकमान का है। प्रदेश नेताओं की तरफ से अपनी स्तुति दी जाती है अंतिम मुहर पार्टी लगाती है। जीत सकने की अधिकतम क्षमता वाले लोगों को ही टिकट दिए जाते हैं।

इस चुनाव में पार्टी की क्या सम्भावना आप देखते हैं।

भाजपा इस चुनाव में बहुत मजबूत है। हमने 50 प्लस का लक्ष्य पहले रखा था लेकिन अब लगता है पार्टी 60 का आंकड़ा पार कर सकती है। कुछ टीवी सर्वे भी आये हैं जो यही दिखा रहे हैं।

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(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 9 Issue 21, Dated 15 November 2017)

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