कश्मीर में ३ पुलिस कर्मियों की हत्या

केंद्र की नीति काम नहीं कर रही : महबूबा

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भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के रास्ते खुलने की ख़बरों और जम्मू कश्मीर में पंचायत और निकाय चुनाव के बीच आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर में अपना ‘खेल’ तेज कर दिया है। इतिहास गवाह है कि दोनों देशों के बीच जब भी बातचीत के लिए कोइ पहल हुई है आतंकवादियों और पाकिस्तान में बैठे सेना और आईएसआई के कुछ तत्वों को यह रास नहीं आया है।

नवीनतम घटना में कश्मीर में अगवा किये गए चार लोगों में से तीन पुलिसकर्मियों की आतंकवादी तत्वों ने हत्या कर दी है। इनके शव मिल गए हैं। उधर पीडीपी नेता और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस घटना के बाद कहा है की केंद्र की नीति काम नहीं कर रही है।

गरुवार की रात इन लोगों का शोपियां से अपहरण कर लिया गया था। अब इनमें से तीन पुलिस कर्मियों की हत्या कर दे गयी है जबकि एक अन्य व्यक्ति जो एक पुलिस कर्मी का रिश्तेदार बताया गया है, को छोड़ दिया गया है। दो रोज पहले ही जम्मू सीमा पर बीएसएफ के एक जवान की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गयी थी। इस बीच ही मोदी सरकार ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की उस पेशकश को मंजूर कर लिया था जिसमें अमेरिका में दोनों  देशो के विदेश मंत्रियों की मुलाकात की बात कही गयी थी।

अब कश्मीर में तीन पुलिस कर्मियों के बर्बर हत्या कर दी गयी है। अभी तक साफ़ नहीं है कि किस आतंकी समूह ने इस तरह की हरकत की है। जिन पुलिस कर्मियों की हत्या की गयी है वे सभी एसपीओ  (विशेष पुलिस अधिकारी) थे। चर्चा है कि कुछ दिन पहले ”आतंकवादियों” ने इन पुलिस कर्मियों को नौकरी छोड़ देने वरना अंज़ाम भुगतने की धमकी दी थी। पिछले तीन-चार महीने में सेना के जवानों या  पुलिस कर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर देने की यह एक और बड़ी घटना है।