उनके ५५ साल, मेरे ५५ महीने : मोदी

लोक सभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर पीएम का धन्यवाद भाषण

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को इस लोक सभा के सम्भवता अपने आखिरी भाषण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधा। साथ ही मोदी ने अपने ५५ महीने को कांग्रेस के ५५ साल से बेहतर बताया और कहा – उनके ५५ साल और मेरे ५५ महीने। मोदी ने ”चाचा-मामा” के अपने परिचित संवाद को दोहराते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधा। 

मोदी ने कहा कि विपक्ष (कांग्रेस) के उनके विरोध के पीछे सारी मुसीबत के मूल में सबसे बड़ा कारण यह है कि गरीबी से उठा हुआ इंसान, जिसने दिल्ली की गलियां नहीं देखीं, उसने इतनी बड़ी सल्तनत को चुनौती दे दी। वह ये पचा नहीं पा रहे हैं। वह नशा है, वह यह सब करवा रहा है। उनके ५५ साल और मेरे ५५ महीने। स्वच्छता का दायरा ५५ साल में २०१४ तक ४० फीसदी था। पिछले ५५ महीने के भीतर ९८ फीसदी क्रॉस कर रहा है। गैस कनेक्शन ५५  साल में १२ करोड़ थे और ५५ महीने में १३ करोड़ गैस कनेक्शन और उसमें भी छह करोड़ उज्ज्वला।’’

पीएम ने कहा की ५५ साल में ५० फीसदी लोगों के खाते थे, ५५ महीने में शत-प्रतिशत तक पहुंच गए। साल १९४७ से पहले किसी गांव में बिजली नहीं थी। लेकिन, अगर सचमुच में जिस गति से ५५ महीने से सरकार चली है। ”अगर उस समय में आप काम करना चाहते तो पहले दो दशकों में हर जगह बिजली पहुंच जाती। यह काम जो २० साल में होना चाहिए था, उसे मुझे आकर पूरा करना पड़ा है।’’

मोदी ने कहा कि आपने (विपक्ष) कहा कि मोदी संस्थाओं को खत्म कर रहा है, बर्बाद कर रहा है। ”हमारे यहां कहावत है। उल्टा चोर चौकीदार को डांटे। मुझे लगता है कि इस पर विचार करने की आवश्यकता है। आपातकाल देश में कांग्रेस ने थोपा, लेकिन कहते हैं मोदी बर्बाद कर रहा है। सेना को अपमानित किया। सेनाध्यक्ष को गुंडा कहा और कहते हैं कि मोदी इंस्टीट्यूट बर्बाद कर रहा है। तख्तापलट की कहानियां गढ़ी जाती हैं। सेना की इज्जत पर इतना बड़ा बट्टा लगाया। ये जो आपने पाप किया है, भारत की सेना के सीने पर घाव लग रहा है। आज तक किसी ने ऐसा पाप नहीं किया केवल राजनीति के लिए। यह बुरा किया।’’

पीएम ने कहा – ५५ साल के सत्ताभोग ने कुछ लोगों की आदत खराब कर दी है कि वे खुद को शहंशाह मानते हैं और दूसरों को निकृष्ट मानते हैं। हर किसी का अपमान करना उनके स्वभाव में है। मुख्य न्यायाधीश को विवाद में खींचना, न्यायतंत्र, रिजर्वबैंक, सेनाध्यक्ष, चुनाव आयोग, देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी, लोकतंत्र का अपमान करना सत्ताभोग के कारण आपके अंदर आई हुई विकृति है। गांधीजी पहले ही समझ गए थे कि बीमारियों की रिसीविंग कैपेसिटी कांग्रेस की है। उन्होंने इसीलिए कांग्रेस को बिखेरने की बात कही। कांग्रेस मुक्त भारत मेरा नहीं, गांधीजी का विचार है। गांधीजी की बात को मैं पूरा करके ही रहूंगा। आप बच नहीं सकते।”

मोदी ने महागठबंधन पर भी निशाना साधा। कहा – ‘‘२०१४ में ३० साल के बाद देश की जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी। देश अनुभव करता है कि जब मिलावटी सरकार होती है तो क्या हाल होता है। अब तो महा-मिलावट आने वाली है। महा-मिलावट आप कलकत्ते में इकट्ठा करो, लेकिन केरल में आप एक-दूसरे का मुंह नहीं देख पाते। उत्तर प्रदेश में तो आपको बाहर कर दिया गया है। हमारी अच्छी और अकल्पनीय सरकार के चलते यह महा-मिलावट (महागठबंधन) हुई है। देश ने ३० साल देखा है। जो हेल्थ कॉन्शियस सोसायटी महा-मिलावट से दूर रहती है, हेल्दी डेमोक्रेसी वाले भी महा-मिलावट से दूर रहेंगे।’’

ईवीएम पर उठ रहे सवालों पर मोदी ने कहा कि ”आप (विपक्ष) अपनी विफलता का ठीकरा ईवीएम पर थोप देते हैं। कहा – ‘‘हमारा चुनाव आयोग विश्व के लिए गौरव का केंद्र बनता जा रहा है। छोटी-मोटी शिकायतों के बावजूद सभी राजनीतिक दल उसकी बातें मानकर चल रहे हैं। लेकिन आप अपनी विफलता का ठीकरा ईवीएम पर थोप देते हैं। इतने डरे हुए हैं। क्या हो गया है आप लोगों को? न्यायपालिका को कांग्रेस धमकाती है। कांग्रेस के लोग अदालत के फैसलों पर जिस तरह से बयानबाजी कर रहे हैं उससे साफ हो जाता है।’’

राफेल पर पीएम ने कहा – ”राफेल को लेकर झूठ भी कॉन्फिडेंस से कैसे बोलते हैं? एक-एक आरोप का जवाब निर्मलाजी ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हर पहलू को देखा है। कांग्रेस नहीं चाहती है कि देश की वायुसेना मजबूत हो। मैं गंभीर आरोप लगा रहा हूं कि राफेल का सौदा रद्द हो, ये किस कंपनी की भलाई के लिए आप कर रहे हो। आप देश की सेना के साथ यह व्यवहार करते हो। तीस साल तक सेना को निहत्था बनाकर रखा था। इतिहास गवाह है कांग्रेस और यूपीए की सरकार का सत्ताभोग का कालखंड रक्षा सौदों में दलाली के बिना काम कर नहीं रह सकता था। मैं सोच रहा था कि राफेल को लेकर ये झूठ भी इतने कॉन्फिडेंस से क्यों बोलते हैं। वे ये मानकर चले हैं कि सत्ता भोग के काल में बिना दलाली हुआ ही नहीं। कोई चाचा, कोई मामा आ जाता था। जब पारदर्शिता और ईमानदारी से देश की वायुसेना को मजबूत करने का काम हो रहा है तो कांग्रेस के लोग बौखला जाते हैं। सच सुनने की आदत नहीं है। चेहरे उतरे हुए हैं, कारण यही है कि राजदार को पकड़कर लाए हैं।”