उत्तर प्रदेश में छोटे दलों की भी होगी भूमिका

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लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन के अलावा कई छोटे-छोटे राजनीतिक दल भी अपना तालमेेल या गठबंधन बना कर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। यह जानकारी दी है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने। वे अभी हाल में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया में शामिल भी हुए हैं।

उन्होंने जानकारी दी है कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया भी आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन और राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल समेत कई पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत कर रही है जिससे आपसी तालमेल या गठबंधन हो सके।

यदि यह तालमेल या गठबंधन बन गया तो इससे अल्पसंख्यक वोट में सेंध लगेगी। हैदराबाद में मुख्यमंत्री केसी चंद्रशेखर राव के बेहद करीबी रहे हैं ओवैसी। राव खुद कांगे्रस व भाजपा से अलग फेडरल फ्रंट की बात करते हैं लेकिन वे भाजपा के विरोध में मुखर भी नहीं होते। ओवैसी बंधुओं से यदि तालमेल हो जाता है तो

सपा-बसपा गठबंधन को खासा नुकसान अल्पसंख्यक मतदाताओं से हो सकता है।

हालांकि फैजुल का कहना है कि इस गठबंधन से कांग्रेस को जोडऩे की बात भी हो रही है। राजनीति में नामुमकिन भी मुमकिन है इसलिए यदि यह तालमेल या गठबंधन हो गया तो भाजपा ही नहीं सपा और बसपा को भी काफी  मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

फैजुल हसन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। उनकी मुस्लिम समाज और संगठनों में खासी पकड़ है। अभी हाल वे शिवपाल सिंह यादव की बनाई पार्टी प्रगतिशील समाजवादी लोहिया पार्टी में शामिल हुए हैं।

शिवपाल सिंह यादव लखनऊ में महा रैली करके अपना खासा दमखम दिखा चुके हैं। सपा-बसपा गठबंधन बनने के बाद वे एक तीसरे तालमेल की कोशिश में जुट गए हैं। इस संबंध में उन्होंने छोटी पार्टियों से कई दौर में बातचीत भी की है। उनके इस रुख से वह ज़रूर लगता है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में ये अपनी महत्वपूर्ण पहचान रखेंगे।

पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि वे किसी भी गैर भाजपा दल से तालमेल कर सकते हैं यदि उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलें। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में कई महत्वपूर्ण मुस्लिम संस्थाओं से जुड़े मुस्लिम बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, व धार्मिक-राजनीतिक नेताओं ने सदस्यता ली है। इनमें राज्यसभा के पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब, पूर्व विधायक मोहम्मद हाफिज इरशाद, सलमान चिश्ती अजमेरी, ऑल इंडिया सुनी उलेमा कौंसिल के महासचिव हाजी मोहम्मद सलीस, हज कमेटी इंडिया के पूर्व सदस्य मरहूम सैय्यद मुख्तार अशरफ के पौत्र सैय्यद मकसूद, अशरफ अरशद मियां, राष्ट्रवादी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जियाउल इस्लाम साहब, जावेद उमर फारूकी, (पूर्व एडमिनिस्ट्रेटर), नफीस अख्तार खान अंबेडकर राम, हसरत मोहानी एजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष राजी अख्तर कमाल, मुस्लिम लीग (उत्तर प्रदेश) के हाजी इश्तियाक अहमद नियाजी, अंसार यूथ फेड के मुखरीन अहमद चांद आदि हैं।