ईओ, नई दिल्ली की बढ़ती अर्थव्यवस्था में महिला उद्यमिता पर हुई पैनल चर्चा रही काफी सार्थक

ग्लोबल स्टूडेंट एंटरप्रेन्योर अवार्ड्स (जीएसईए) से पहले ईओ, नई दिल्ली ने महिला उद्यमियों के साथ एक पैनल चर्चा का आयोजन किया। पावर डेक के संस्थापक दिलनवाज खान द्वारा संचालित चर्चा में पैनल के वक्ताओं में लिटिल टैग लग्जरी की संस्थापक चांदनी अग्रवाल, आरवी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक वंदना सेठ, सिकिफी की संस्थापक दिव्या जैन और प्लेफुल माइंड्स की संस्थापक सोनाली जैन शामिल रहीं। चर्चा भारत में महिला उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं के इर्द-गिर्द घूमती रही।

पिछले कुछ सालों में अपनी भूमिका के विकास के बारे में बात करते हुए, चारों पैनलिस्ट इस बात पर सहमत दिखीं कि गतिशीलता और पहुंच, दो सबसे बड़ी चीजें हैं जिन्होंने महिला उद्यमियों के पक्ष में काम किया है। चांदनी ने कहा – ‘कुछ साल पहले की तुलना में अब महिला उद्यमियों की स्वीकार्यता कहीं अधिक है।’

चर्चा में सोनाली ने कहा – ‘डिजिटलाइजेशन ने वास्तव में स्थिति को बदल दिया है और गतिशीलता में वृद्धि की है।’

फाल्गुनी नायर की नायिका, विनीता सिंह की शुगर कॉस्मेटिक और इसी तरह की सफलता की यात्रा का उदाहरण देते हुए, दिलनवाज ने सहभागियों को महिला उद्यमिता की समावेशिता पर प्रकाश डालने के लिए कहा।

दिव्या ने कहा कि परिदृश्य अब नाटकीय रूप से बदल गया है, लेकिन परंपरागत रूप से हमारा प्रतिनिधित्व बहुत ही नगण्य था। बेशक, सामान्य रूप से स्टार्ट-अप स्थान महिलाओं के लिए अधिक समावेशी हो गया है और मैं, हम महिलाओं के रूप में, अपनी क्षमता के अधिकतम तक पहुंचने का समर्थन करती हूँ।

महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बात करते हुए, वंदना ने एक दिलचस्प अवलोकन की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा – ‘समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है और लोग अब हमें गंभीरता से लेते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि अभी भी कुछ अचेतन पूर्वाग्रह या शायद निर्णय मौजूद है।