आंध्र में होंगे पांच उप मुख्यमंत्री

जातिगत संतुलन साधने के लिए सीएम रेड्डी का फैसला

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आंध्र प्रदेश में पांच उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की तैयारी मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने कर ली है। तेलुगू देशम पार्टी को बाहर करके सत्ता में आये जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई में बनी वाईएसआर कांग्रेस की सरकार में पांच उप-मुख्यमंत्री होंगे ताकि सभी जातियों का सत्ता में संतुलन रखा जा सके। राजनीतिक रूप से रेड्डी के इस फैसले को ”मास्टर स्ट्रोक” कहा जा रहा है क्योंकि इससे वे जातिगत संतुलन बनाये रखेंगे।
देश के इतिहास में यह पहला मौक़ा होगा जब किसी राज्य की सरकार में पांच उप मुख्यमंत्री होंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालांकि सूबे की सभी जातियों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने के इरादे से ऐसा फैसला किया है। उनके २५ सदस्यीय मंत्रिमंडल में पांच को उपमुख्यमंत्री बनाने  का फैसला शुक्रवार को किया गया। नई मंत्रिपरिषद का गठन शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में किया जाएगा।
रेड्डी ने शुक्रवार सुबह अपने आवास में वाईएसआर कांग्रेस विधायक दल की बैठक की जिसमें उन्होंने पांच उप मुख्यमंत्री नियुक्त करने के अपने फैसले का ऐलान किया। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और कापू समुदायों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। देश के इतिहास में यह पहली बार  बार होगा।
सीएम रेड्डी ने विधायकों को यह भी बताया कि केबिनेट में मुख्य रूप से कमजोर वर्गों के सदस्य होंगे जबकि अपेक्षा यह की जा रही थी कि रेड्डी समुदाय को मंत्रिमंडल में मुख्य स्थान मिलेगा। रेड्डी ने बताया कि ढाई साल बाद सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा के पश्चात फिर से मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा। गौरतलब है कि एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार में कापू और पिछड़ा समुदायों का एक-एक उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।