असम में पुलिस की गोली से दो प्रदर्शनकारियों की मौत, प्रदर्शन और हिंसा जारी

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नागरिकता संशोधन बिल पर पूर्वोत्तर राज्य में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। असम में बिल का विरोध कर रहे २ लोगों की पुलिस के गोलियों से मौत हो गयी है। असम में हज़ारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं और इस बिल का जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। असम में स्‍कूलों और कॉलेजों को २२  दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। सेना और पुलिस की तैनाती के बाद भी प्रदर्शनकारी लगातार कर्फ्यू का उल्‍लंघन कर रहे हैं। कई फ्लाइट्स कैंसल की गयी हैं और ट्रेन सेवाएं ठप पड़ी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक जब हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी नागरिकता बिल का विरोध करने सड़क पर उतरे तो पुलिस से उनकी झड़पें हो गई। इस बीच पुलिस ने गोलियां चला दीं जिससे २ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। एक घायल ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया जबकि दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पूर्वोत्‍तर भारत के तीन राज्‍यों असम, मेघालय और त्रिपुरा में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। उधर प्रदर्शन को बढ़ते देख असम में स्‍कूलों और कॉलेजों को २२ दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। सेना और पुलिस की तैनाती के बाद भी प्रदर्शनकारी लगातार कर्फ्यू का उल्‍लंघन कर रहे हैं। यहां तक कि उनपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का भी कोई असर नहीं पड़ा है।

प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को यात्रियों से भरी एक ट्रेन में आग लगाने का भी प्रयास किया था। राज्‍य में पुलिस फायरिंग में अब तक 2 लोग मारे गए हैं और 9 अन्‍य घायल हो गए हैं। इस बीच प्रशासन ने ड‍िब्रूगढ़ में कर्फ्यू में सुबह 8 बजे से एक बजे तक ढील दी है। मेघालय में भी प्रदर्शनों का दौर जारी है।

असम में पुलिस फायरिंग में अब तक दो लोग मारे गए हैं और नौ अन्‍य घायल हो गए हैं। इस बीच प्रशासन ने ड‍िब्रूगढ़ में कर्फ्यू में सुबह ८ बजे से एक बजे तक ढील दी है। मेघालय में भी प्रदर्शनों का दौर जारी है। मेघालय और असम में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।  गुरुवार को शिलॉन्ग में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बाजार इलाके में दुकानों को आग लगा दी।

उधर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि राज्‍य में हिंसा के पीछे ऑल असम स्‍टूडेंट यूनियन और अन्‍य स्‍थानीय समूहों का हाथ नहीं है। हिंसा के पीछे ‘उन नकारात्‍मक ताकतों का हाथ है जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों में शामिल हो गए हैं।’ उन्‍होंने कहा कि हम इन नकारात्‍मक शक्तियों की पहचान कर रहे हैं। मेघालय में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू के बीच प्रदर्शनों का दौर जारी है।