अमेरिका

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विश्व रैंकिंग: 13
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनतीसरा स्थान (1930)

खास बात
स्ट्राइकर जोजी एल्टीडोर की फॉर्म पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी. 2013-14 में अपने क्लब संडरलैंड के लिए प्रीमियर लीग के 30 मैचों में वे सिर्फ एक ही गोल कर पाए. लेकिन कोच युर्गन क्लिंसमन ने उन पर भरोसा जताया है और 24 साल के एल्टीडोर भी अपने देश के लिए खेलते हुए बिल्कुल अलग ही खिलाड़ी नजर आ रहे हैं
इस अमेरिकी टीम के कोच वही युर्गन क्लिंसमन हैं जिन्होंने 1990 में पश्चिमी जर्मनी को विश्व कप जिताने और फिर इस सदी के शुरुआती दशक में जर्मनी की टीम को गर्त से उठाने में अहम भूमिका निभाई थी. सटीक जवाबी हमला करने के लिए मशहूर अमेरिकी टीम को अपने ग्रुप में मौजूद घाना, पुर्तगाल और जर्मनी से पार पाने के लिए इससे भी ज्यादा कुछ करके दिखाना होगा. वैसे यह भी दिलचस्प है कि इस वक्त जर्मनी के कोच वही जोशिम लो हैं जो कभी क्लिंसमन के सहायक हुआ करते थे. इस लिहाज से 26 जून को होने वाला अमेरिका-जर्मनी मुकाबला दिलचस्प होगा. क्लिंसमन की रणनीतियों पर अमेरिका में सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि टीम में उत्साह फूंकने के मामले में उनकी क्षमताओं का कोई जवाब नहीं. अमेरिकी टीम में टिम हॉवर्ड की ख्याति एक अच्छे गोलकीपर की है तो मैट बेसलर की अगुवाई में उसकी सुरक्षा पंक्ति भी मजबूत मानी जाती है. मध्यपंक्ति की ताकत माइकल ब्रैडली हैं जिनका साथ देने के लिए जर्मेन जोंस और जूलियन ग्रीन रहेंगे. जोंस और ग्रीन दोनों की ही जड़ें जर्मनी में हैं और वे भी जर्मनी से होने वाले मुकाबले का इंतजार कर रहे होंगे. क्लिंसमन ने मशहूर स्ट्राइकर लैंडन डोनोवैन को टीम में न लेने का फैसला किया था जिसके चलते गोल करने के लिए अमेरिका को और ज्यादा संघर्ष करना पड़ सकता है. क्लिंट डेंप्सी और जोजी एल्टीडोर भले ही रोनाल्डो या मैसी न हों, लेकिन कभी-कभी बड़े-बड़े नाम फुस हो जाते हैं और वे ही कमाल कर जाते हैं जिनकी तरफ लोगों का ज्यादा ध्यान नहीं होता.

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