अमृतसर हादसे की मजिस्ट्रेट जांच : अमरिंदर

मरने वालों की संख्या ६१, दर्जनों घायल, पाक पीएम ने घटना पर दुःख जताया

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अमृतसर रेल हादसे के मजिस्ट्रेट जांच होगी और चार हफ्ते में इसकी रिपोर्ट तालाब की गयी है।   मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, जो हादसे के कारण अपना इस्राईल का दौरा रद्द करने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से वापस लौटे, ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने हादसे के बाद मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर लगे आरोपों पर सिद्धू का बचाव किया और कहा कि वे और उनकी पत्नी रात से ही अस्पताल में मौजूद रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी हादसे पर गहरा दुःख प्रकट किया है।

करीब १७ घंटे बाद घटनास्थल पर आये सीम पर पत्रकारों ने सवालों की बौछार कर दी।  मुख्यमंत्री ने  कहा की वे इस्राईल जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर थे जब उन्हें हादसे की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत प्रशाशन को राहत कार्यों में तेजी और घायलों ही हर संभव मदद के निर्देश दिए। उन्होंने कहा  सीएम आफिस सारी रात पल-पल की रिपोर्ट लेता रहा और ज़रूरी दिशा निर्देश भी जारी किये गए।

अमरिंदर ने इस हादसे पर उठ रहे सवालों पर कहा है कि दोषरोपण करने की जगह समय राहत काम करने का है और वही सरकार कर भी रही है। ”यदि सीएम (मैं) रात को ही यहाँ आता तो प्रशासन के लोग राहत कार्यों की जगह इसे लेकर बेवजह उलझ जाते। लिहाज़ा उन्होंने राहत कार्यों पर फोकस रखा”।

उनके मुताबिक हादसे में ५९ लोगों के मौत हुयी है जबकि ९ लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।  ”जो लोग घायल हैं उनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है”। मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य मंत्री भी इस मौके पर  अमरिंदर के साथ उपस्थित थे।

इस घटना के बाद लोगों में काफी गुस्सा है। विपक्षी अकाली दल के नेताओं ने भी घटना के बाद सरकार को घेरने में कोइ कसार नहीं छोड़ी है और खासकर मंत्री सिद्धू और उनकी पत्नी को निशाने पर रखा है।  वैसे नवजोत कौर पहले हे सफाई दे चुकी हैं हैं कि हादसा होने से पहले ही वे घटनास्थल से जा चुकी थीं और सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँच गईं। उनके मंत्री पति सिद्धू भी रात ही अस्पताल पहुँच गए थे।

हादसे में अभी तक 61 लोगों के मरने की खबर है। बताया जाता है कि अस्पताल में दाखिल अधिकांश घायलों की स्थिति गंभीर है। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा बढने की आशंका है। स्थिति को देखते हुए रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई लोग अभी भी लापता बताए जाते हैं। उनके परिजनों ने अपने संबंधियों की खोज शुरू कर दी है।