अफवाहों पर रोक लगाने के लिए व्हाट्सऐप उठा रहा है क़दम

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व्हाट्सऐप ने अब मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा तय करने का फैसला किया है ताकि झूठी जानकारी को फैलने से रोका जा सके।

हाल के दिनों व्हाट्सऐप के ज़रिए भेजे गए अफवाहों के कारण भारत में भीड़ द्वारा दर्जनों लोगों की हत्या के कई मामले सामने आए हैं।

इन हादसों के चलते भारत सरकार ने व्हाट्सऐप को चेतावनी दी है कि अगर उसने कोई कदम नहीं उठाया तो उसे क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें कि भारत व्हाट्सऐप का सबसे बड़ा बाज़ार है, यहां 20 करोड़ से ज़्यादा लोग व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं। व्हाट्सऐप ने अनुसार भारत के लोग किसी भी दूसरे देश से ज़्यादा संदेश, फोटो और वीडियो साझा करते हैं।

इस सोशल मीडिया कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि वह भारत में व्हाट्सऐप पर मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा की टेस्टिंग कर रही है जहां दुनियाभर में सबसे ज़्यादा मैसेज और वीडियो फॉरवर्ड किए जाते हैं।

कंपनी की योजना है कि भारत में मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा पांच कर दी जाए। इसके अलावा मैसेज के बगल में नज़र आने वाले में “क्विक फॉरवर्ड ” बटन को हटाने के बारे में भी विचार किया जा रहा है।

अभी तक व्हाट्सऐप के ग्रुप में 256 से ज़्यादा लोग नहीं हो सकते. जिन संदेशों को हिंसा की वजह माना जा रहा है, उन्हें 100 से ज़्यादा सदस्यों वाले कई ग्रुप्स में फॉरवर्ड किया गया था।

भारत में व्हाट्सऐप के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि एक व्यक्ति एक संदेश को पांच बार से ज़्यादा फॉरवर्ड नहीं कर पाएगा।

हालांकि, ये नए नियम ग्रुप के दूसरे सदस्यों को वही मैसेज आगे पांच लोगों को फॉरवर्ड करने से नहीं रोक पाएगा। व्हाट्सऐप का मानना है कि उसके इस कदम से एक मैसेज पहले से कम लोगों तक पहुंचेंगे।

व्हाट्सऐप ने ये बदलाव मॉब लिंचिंग की कई घटनाओं के बाद किए हैं. अप्रैल 2018 से अबतक हुई इन घटनाओं में 18 से ज़्यादा लोगों की मौत गई. मीडिया रिपोर्ट्स में तो मरने वालों की तादाद और ज़्यादा बताई गई है।