नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CWC बैठक में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे पर अब तक कोई स्पष्ट और औपचारिक प्रस्ताव विपक्ष के साथ साझा नहीं किया गया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी नीति पर केवल लेख या बयान के जरिए जानकारी देना सही प्रक्रिया नहीं है।
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस सत्र में जल्दबाजी में संविधान संशोधन लाने की तैयारी कर रही है, ताकि आने वाले चुनावों में इसका राजनीतिक लाभ लिया जा सके। उन्होंने कहा कि जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने की बात हो रही है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
बैठक में एक और बड़ा मुद्दा लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का भी रहा। खरगे के मुताबिक सरकार 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही राज्यों की विधानसभा सीटों में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की राजनीति और प्रतिनिधित्व पर बड़ा असर डाल सकता है, इसलिए इस पर गहराई से चर्चा जरूरी है।
खरगे ने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं ने सरकार से कई बार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर विपक्ष को साथ नहीं लेना चाहती और अपने फैसले थोपने की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि आयोग की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर संसद में चर्चा की मांग भी उठाई, क्योंकि इसका असर भारत समेत दुनिया भर पर पड़ सकता है।
CWC बैठक में कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इन मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएगी और विपक्षी दलों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तैयार करेगी।




