नई दिल्ली: West Bengal में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच Election Commission of India ने साफ तौर पर कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर हाल में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे।
यह बयान Kolkata में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर के बाहर हुई झड़प और धरने के बाद सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात को तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात सीईओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि चुनाव आयोग और सीईओ कार्यालय भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं और दूसरे राज्यों के लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे तौर पर All India Trinamool Congress को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीईओ कार्यालय की ओर से यह भी बताया गया कि बेलेघाटा इलाके के एक पार्षद कुछ लोगों के साथ दफ्तर के बाहर घेराव और नारेबाजी कर रहे थे। जबकि वहां पहले से ही धारा-144 लागू है, जिसके तहत बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक होती है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि इन घटनाओं का चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा और राज्य में हर हाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे।




