भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के एक प्रमुख सहयोगी लोजपा के केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार एनडीए में यह कहकर हलचल मचा दी है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री वह व्यक्ति होगा जिसके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है। इससे राजनीतिक परिदृश्य और भी अनिश्चित हो गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने यह कहकर आग में घी डालने का काम किया कि भाजपा का यह सोचना गलत नहीं है कि मुख्यमंत्री इसी पार्टी से होना चाहिए। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब एनडीए में पूरी तरह से असमंजस की स्थिति है, क्योंकि भाजपा नेता राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर अलग-अलग सुर में बोल रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ सप्ताह पहले कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नवंबर में होने वाले चुनावों में बिहार में एनडीए के अभियान का नेतृत्व करेंगे। लेकिन अगले मुख्यमंत्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड चुनावों के बाद इस मुद्दे पर फैसला करेगा। भाजपा में कुछ कट्टरपंथी लोग हैं जो मानते हैं कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाए रखने के बजाय पार्टी को अपना खुद का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 243 सदस्यीय सदन में 74 सीटें जीती थीं, जबकि जनता दल (यू) ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद केवल 43 सीटें जीती थीं। भाजपा ने केवल 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इन कट्टरपंथियों का मानना है कि भाजपा अब अपने दम पर सरकार बनाने में सक्षम है और उसे बहुमत हासिल करने के लिए नीतीश कुमार की जरूरत नहीं है और वह 2025 में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी। ये बयान आने वाली चीजों का संकेत हैं।