Trump का होर्मुज पर ‘पूर्ण नियंत्रण’ का दावा तो Kuwait-Iran में भी बढ़ी रार

चीन की बंदरगाह परियोजना पर हमले की कोशिश से भड़का तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व की जंग और यूएई में इजराइली 'आयरन डोम' की तैनाती ने बढ़ाई युद्ध की आहट…

ईरान बनाम कुवैत: महीने की शुरुआत में Bubiyan Island पर हमले का सनसनीखेज आरोप… Pic Credit : saba.ye/File
ईरान बनाम कुवैत: महीने की शुरुआत में Bubiyan Island पर हमले का सनसनीखेज आरोप… Pic Credit : saba.ye/File

तहलका ब्यूरो।

नयी दिल्ली/दुबई। फारस की खाड़ी के शांत जल में एक बार फिर अशांति के भंवर उठने लगे हैं। कुवैत ने सीधे तौर पर ईरान पर आरोप मढ़ा है कि इस महीने की शुरुआत में उसकी अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की एक टुकड़ी ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बुबियान द्वीप (Bubiyan Island) पर हमले की साजिश रची थी।

विशेष बात यह है कि इसी द्वीप पर चीन के सहयोग से ‘मुबारक अल कबीर’ (Mubarak Al Kabir) बंदरगाह का निर्माण किया जा रहा है, जो बीजिंग की वैश्विक बुनियादी ढांचा महत्वाकांक्षाओं का एक बड़ा केंद्र है। कुवैती सुरक्षा बलों के अनुसार, 1 मई को हुई इस घुसपैठ को नाकाम कर दिया गया और चार हमलावरों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो अन्य भागने में सफल रहे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी चीन यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। बीजिंग में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनकी मुलाकात में व्यापारिक मुद्दों के साथ-साथ ईरान का मसला भी शीर्ष पर रहने वाला है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में ईरान को परमाणु समझौते के लिए मजबूर करते हुए कहा कि यदि वे शर्तों पर सहमत नहीं होते, तो उन्हें पूरी तरह तबाही का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने स्पष्ट दावा किया कि ईरान पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में है और होर्मुज जलडमरूमध्य से उनकी अनुमति के बिना परिंदा भी पर नहीं मार सकता। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी संसद को आश्वस्त किया है कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त आयुध भंडार है और तेल आपूर्ति बाधित होने की धमकियों के बावजूद जलडमरूमध्य पर उनका दबदबा कायम है।

दूसरी तरफ, ईरान ने फिलहाल इन आरोपों पर चुप्पी साधी है, लेकिन उसके राजनयिक काजिम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया के माध्यम से पलटवार करते हुए धमकियों और अपमान की भाषा को शांति के लिए बाधक बताया है। क्षेत्र में बढ़ते खतरों को देखते हुए सुरक्षा समीकरण भी बदल रहे हैं। इजराइल ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सुरक्षा के लिए अपनी ‘आयरन डोम’ हवाई रक्षा प्रणाली और सैन्य कर्मियों को वहां तैनात किया है।

यह कदम न केवल ईरान के खिलाफ एक मजबूत मोर्चेबंदी की ओर इशारा करता है, बल्कि इजराइल और खाड़ी देशों के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों की पुष्टि भी करता है। बुबियान द्वीप पर हमले की यह नाकाम कोशिश संकेत दे रही है कि खाड़ी क्षेत्र का यह तनाव किसी भी समय बड़े वैश्विक संघर्ष में तब्दील हो सकता है।