नई दिल्ली: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। कई जगहों पर लोगों ने यह मानकर ज्यादा खरीदारी शुरू कर दी कि कहीं ईंधन की कमी न हो जाए। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
एलपीजी गैस को लेकर उन्होंने कहा कि यह जरूर चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि कुछ जगहों से सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इसके बावजूद देशभर में मौजूद करीब 25 हजार एलपीजी वितरकों में से किसी के यहां स्टॉक पूरी तरह खत्म होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है। सरकार लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मंत्रालय के अनुसार भारत की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 258 मिलियन मीट्रिक टन है और देश पेट्रोल व डीज़ल के उत्पादन में लगभग आत्मनिर्भर है। यही वजह है कि इन ईंधनों के लिए बड़े पैमाने पर आयात की जरूरत नहीं पड़ती। फिलहाल देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता या उससे भी ज्यादा पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस और CNG की सप्लाई भी सामान्य रूप से जारी है और इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की गई है।
इसके अलावा सरकार ने उन व्यावसायिक उपभोक्ताओं से भी अपील की है, जो एलपीजी पर ज्यादा निर्भर हैं, कि वे PNG कनेक्शन लेने के लिए अपने स्थानीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क या अधिकृत डीलर से संपर्क करें। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में देश की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।



