आलू बेचने का स्मार्ट तरीका: ABC ग्रेड अपनाएं, मुनाफा 20% तक बढ़ाएं

अगर किसान थोड़ी मेहनत छंटाई और पैकिंग में कर लें, तो वही आलू जो पहले कम दाम में बिकता था, अब ज्यादा मुनाफा दे सकता है। इस सीजन में ABC ग्रेडिंग अपनाकर किसान अपनी फसल का सही मूल्य पा सकते हैं और आमदनी में अच्छा इजाफा कर सकते हैं।

potato farming profit
potato farming profit

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इन दिनों आलू की खुदाई का काम तेजी से चल रहा है। खेतों से आलू निकल चुके हैं, लेकिन अब किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता सही दाम पाने की है। कई बार मेहनत से उगाई गई फसल मंडी में उम्मीद से कम भाव पर बिक जाती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार किसानों के मुनाफे की असली चाबी “ग्रेडिंग” यानी आलू की सही छंटाई में छिपी है।

अक्सर किसान पूरी फसल को बिना छांटे सीधे मंडी ले जाते हैं। इसमें अच्छे और खराब आलू एक साथ मिल जाते हैं, जिससे व्यापारी पूरे माल का दाम कम लगा देते हैं। जानकारों के अनुसार, अगर किसान आलू को A, B और C ग्रेड में बांट लें, तो उन्हें 15 से 20 प्रतिशत तक ज्यादा मुनाफा मिल सकता है।

ग्रेडिंग करने का तरीका बहुत आसान है। खुदाई के बाद आलू को कुछ समय हवादार जगह पर फैलाकर सुखा लेना चाहिए, ताकि मिट्टी साफ हो जाए। इसके बाद आलू को आकार और गुणवत्ता के आधार पर अलग करें। बड़े और एक जैसे आकार वाले आलू को A ग्रेड में रखें, क्योंकि होटल, चिप्स बनाने वाली कंपनियां और बड़े व्यापारी इन्हीं को पसंद करते हैं। मध्यम आकार के आलू को B ग्रेड में रखें, जो घरों में इस्तेमाल के लिए ज्यादा बिकते हैं। कटे-फटे, छोटे या रोग लगे आलू को C ग्रेड में अलग कर देना चाहिए।

विशेषज्ञ बताते हैं कि व्यापारी सबसे पहले फसल की एकरूपता और सफाई देखते हैं। साफ, सूखे और बराबर आकार के आलू की मांग ज्यादा होती है और ग्राहक इसके लिए प्रीमियम दाम देने को तैयार रहते हैं। सही ग्रेडिंग से आलू की शेल्फ लाइफ भी बढ़ती है और भंडारण में नुकसान कम होता है।

एक और जरूरी बात यह है कि खराब आलू को अच्छी फसल के साथ कभी न रखें, क्योंकि एक सड़ा आलू पूरी बोरी खराब कर सकता है। साफ पैकिंग और अलग-अलग लॉट बनाकर बेचने से किसान की सौदेबाजी की ताकत भी बढ़ती है।