नई दिल्ली: Kerala की राजनीति में इन दिनों संजय खान का नाम चर्चा में बना हुआ है। पुनालूर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे Sanjay Khan ने आखिरी वक्त पर नामांकन दाखिल न करने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे कोई दबाव नहीं, बल्कि एक भावुक मुलाकात बताई जा रही है।
संजय खान कांग्रेस के जमीनी और सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। वे जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के सचिव हैं और पनलूर इलाके में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी साफ-सुथरी छवि और मेहनत ने उन्हें मजबूत दावेदार बना दिया था।
दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस ने पुनालूर सीट अपने सहयोगी दल को दे दी। इस फैसले से नाराज होकर संजय खान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। उनका मानना था कि वे इस सीट के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं और उन्हें मौका मिलना चाहिए था।
मामला बढ़ता देख कांग्रेस के वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal खुद सामने आए। उन्होंने संजय खान से मुलाकात की और उन्हें शांत करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इस दौरान वे काफी भावुक हो गए। उन्होंने संजय के कंधे पर हाथ रखा, उन्हें गले लगाया और समझाया कि पार्टी उनके योगदान को समझती है।
इस मुलाकात का असर भी तुरंत देखने को मिला। बातचीत के दौरान संजय खान भावुक हो गए और उन्होंने अपना नामांकन न भरने का फैसला कर लिया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि वे पार्टी के साथ बने रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, केसी वेणुगोपाल ने उन्हें भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी देने का आश्वासन भी दिया है। पार्टी के अंदर इस फैसले को राहत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे संभावित बगावत टल गई है।




