होर्मुज की ‘नस’ पर ईरान की पकड़, केशम द्वीप बना सबसे बड़ा ‘ट्रंप कार्ड’

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अब एक ऐसा द्वीप चर्चा में है, जो पूरी दुनिया की नजरों में आ गया है। माना जा रहा है कि इसी जगह से ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।

होर्मुज की ‘नस’ पर ईरान की पकड़... लेकिन सबसे अहम केशम द्वीप... (Hormuz strait AI Image )
होर्मुज की ‘नस’ पर ईरान की पकड़... लेकिन सबसे अहम केशम द्वीप... (Hormuz strait AI Image )

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz सबसे अहम केंद्र बन गया है। इसी बीच विशेषज्ञों का कहना है कि असली ताकत Qeshm Island में छिपी है, जो ईरान की रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका है।

फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप आकार में बड़ा होने के साथ-साथ रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। यह Bandar Abbas के पास स्थित है और यहीं से होर्मुज स्ट्रेट के संकरे रास्ते पर नजर रखी जा सकती है। यही वजह है कि ईरान ने इस इलाके को सैन्य रूप से काफी मजबूत कर लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस द्वीप के नीचे बड़े स्तर पर भूमिगत सैन्य नेटवर्क तैयार किया गया है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने यहां ‘मिसाइल सिटी’ जैसे ठिकाने बनाए हैं, जहां से किसी भी हमले का तुरंत जवाब दिया जा सकता है। इन ठिकानों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे हवाई हमलों से भी सुरक्षित रह सकें।

इतना ही नहीं, यहां कई तरह की घातक मिसाइलें भी तैनात बताई जाती हैं, जो समुद्री जहाजों को निशाना बना सकती हैं। इसके अलावा, द्वीप के आसपास गुप्त नौसैनिक अड्डे भी बनाए गए हैं, जहां तेज रफ्तार हमलावर नावें मौजूद हैं। ये नावें जरूरत पड़ने पर अचानक हमला करने की क्षमता रखती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पूरी तरह नाकेबंदी करने की बजाय “नियंत्रित दबाव” की रणनीति अपना रहा है। यानी जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की जा रही, लेकिन उन्हें तय रास्तों से गुजरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

Qeshm Island ईरान के लिए एक मजबूत सैन्य और रणनीतिक केंद्र बन चुका है। यही कारण है कि इस इलाके में बढ़ता तनाव अब पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार पर पड़ सकता है।