मुकुल रॉय के निधन से राजनीतिक जगत में सन्नाटा, नेताओं ने शोक व्यक्त किया

पूर्व रेल मंत्री और वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन से देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने कोलकाता के एक निजी अस्पताल में लंबे समय से चल रही बीमारी के बाद आज सुबह अंतिम सांस ली। उनके जाने से पश्चिम बंगाल की राजनीति को बड़ा नुकसान हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए कहा कि मुकुल रॉय अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और समाज सेवा के प्रयासों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि यह राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने संदेश में कहा कि मुकुल रॉय को उनके संगठनात्मक कौशल और राज्य की राजनीति में योगदान के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहकर जनता की सेवा की।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी।

सोमवार को मुकुल रॉय के पार्थिव शरीर को पश्चिम बंगाल विधानसभा लाया गया, जहां विधानसभा अध्यक्ष बिमान बंद्योपाध्याय सहित कई विधायकों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा क्षेत्र स्थित घाटकपुकुर ले जाया गया।

मुकुल रॉय अपने लंबे राजनीतिक सफर और संगठन मजबूत करने की क्षमता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं में रहकर राज्य और देश की राजनीति में सक्रिय योगदान दिया। उनके निधन से एक अनुभवी नेता का अध्याय समाप्त हो गया है। पूरा राजनीतिक जगत और उनके समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।