नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का सीधा असर अब पाकिस्तान के नागरिकों पर भी दिखने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि ईरान में रह रहे सैकड़ों पाकिस्तानी जान बचाने के लिए अपना सामान समेटकर पाकिस्तान की ओर लौट रहे हैं। ईरान के मिर्जावेह और पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के तफ्तान बॉर्डर पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग सूटकेस और जरूरी सामान लेकर पैदल ही सीमा पार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेहरान और दूसरे बड़े शहरों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। मिसाइल हमलों के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई पाकिस्तानी परिवारों ने बताया कि वे हॉस्टल और किराए के घरों में रह रहे थे, लेकिन पास में सैन्य ठिकानों पर हमले होने से डर के कारण उन्हें तुरंत शहर छोड़ना पड़ा।
एक पाकिस्तानी नागरिक ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से मिसाइलें दागते देखीं। इसके बाद वे सीधे पाकिस्तानी दूतावास पहुंचे, जहां से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की गई। कई लोगों का कहना है कि शनिवार रात के बाद हालात अचानक बहुत खराब हो गए और डर का माहौल बन गया।
पाकिस्तान सरकार ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि किसी देश के शीर्ष नेता को निशाना बनाना गलत परंपरा है। उन्होंने ईरान के लोगों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि पाकिस्तान इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा है।
फिलहाल हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन सीमा पर लौट रहे लोगों की संख्या यह दिखा रही है कि जंग का असर अब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा। आम लोगों की जिंदगी पर इसका सीधा और गहरा प्रभाव पड़ रहा है।




