राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने बजट में आज की बड़ी चुनौतियों पर कोई ठोस बात नहीं की। उन्होंने खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि आज के दौर में AI और डेटा किसी भी देश की ताकत बन चुके हैं, लेकिन बजट में इन पर गंभीर चर्चा नहीं की गई। राहुल ने कहा कि भारतीय डेटा अमेरिका के लिए बहुत अहम है और सरकार को इस पर सख्त रुख अपनाना चाहिए था।
उन्होंने दुनिया की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि हम युद्ध के दौर में जी रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व के हालात और चीन-अमेरिका की टक्कर पूरी दुनिया को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में भारत को अपनी ऊर्जा और आर्थिक नीति को मजबूत करना चाहिए था, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई साफ रणनीति नहीं दिखाई।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इससे गरीब किसानों पर सीधा असर पड़ेगा। उनके मुताबिक, इस समझौते के बाद अमेरिका से आयात बढ़कर काफी ज्यादा हो जाएगा, जबकि भारत पर टैरिफ बढ़ा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भारतीय किसानों और छोटे व्यापारियों को नुकसान होगा और विदेशी कंपनियों को फायदा मिलेगा।
राहुल गांधी ने सरकार पर भावनात्मक हमला करते हुए कहा कि देश की संपत्ति और हितों को गिरवी रख दिया गया है। उन्होंने कहा, “क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आई?” उनके इस बयान पर सदन में राजनीतिक माहौल गरमा गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी आबादी है। 140 करोड़ लोग देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं और अगर सरकार सही नीति बनाए तो भारत दुनिया को चुनौती दे सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर AI और डेटा जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले समय में देश को बड़ा नुकसान हो सकता है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सियासी बहस और तेज हो गई है। अब सभी की नजर सरकार के जवाब और आगे की रणनीति पर टिकी है।




